
16 साल पुराने हत्याकांड में बड़ा फैसला
Gorakhpur: कैम्पियरगंज थाना क्षेत्र में वर्ष 2010 में हुई हत्या के मामले में करीब 16 साल बाद अदालत ने चार आरोपियों को दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। न्यायालय ने सभी दोषियों पर 15-15 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। लंबे समय से चल रहे इस मामले में पुलिस की प्रभावी पैरवी और मॉनिटरिंग सेल की निगरानी के बाद दोषसिद्धि हुई।
पुलिस के अनुसार, थाना कैम्पियरगंज में वर्ष 2010 में मु0अ0सं0 939/2010 के तहत हत्या समेत विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया था। मामले में भारतीय दंड संहिता की धारा 302, 149, 120बी और 201 के तहत कार्रवाई की गई थी। विवेचना के दौरान पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ साक्ष्य जुटाकर न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल किया था।
मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से प्रभावी पैरवी की गई। पुलिस महानिदेशक उत्तर प्रदेश द्वारा चलाए जा रहे “ऑपरेशन कनविक्शन” अभियान के तहत वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक गोरखपुर के निर्देशन में थाना पैरोकार और मॉनिटरिंग सेल ने मुकदमे की लगातार निगरानी की। अभियोजन की ओर से प्रस्तुत साक्ष्यों और पैरवी के आधार पर न्यायालय ने चारों अभियुक्तों को अपराध का दोषी माना।
न्यायालय ASJ/UPSEB कोर्ट, जनपद गोरखपुर ने दोषी पाए गए अभियुक्त राजाराम पुत्र घूरे उर्फ राम अवध, रामनवल पुत्र घूरे उर्फ राम अवध, जोगेन्द्रर पुत्र घूरे उर्फ राम अवध और पुद्दन पुत्र महेश, सभी निवासी ग्राम तेनुआ विशम्भरपुर, थाना कैम्पियरगंज, गोरखपुर को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। इसके साथ ही प्रत्येक दोषी पर 15-15 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया।
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, पुराने मामलों में प्रभावी पैरवी कर दोषियों को सजा दिलाने के लिए ऑपरेशन कनविक्शन के तहत लगातार निगरानी की जा रही है। इसी क्रम में इस मामले में भी थाना पुलिस, पैरोकार और मॉनिटरिंग सेल की भूमिका महत्वपूर्ण रही।
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अभियुक्तों की दोषसिद्धि में ADGC श्रद्धानन्द पाण्डेय, ADGC रविन्द्र सिंह और ADGC रमेश चंद पाण्डेय का भी महत्वपूर्ण योगदान रहा।
Location : Gorakhpur
Published : 29 September 2026, 6:19 AM IST