चौपाल में शिकायतें सुनने के बाद नदी किनारे पहुंचे डीएम, बोले- बाढ़ आई तो पहले बचाएंगे जान-माल

गोरखपुर के गोला क्षेत्र में गुरुवार को डीएम दीपक मीणा चौपाल में पहुंचे तो ग्रामीणों ने उनके सामने गांव की कई समस्याएं रखीं। शिकायतें सुनने के बाद डीएम ने अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए। लेकिन इसके बाद उनका अगला पड़ाव और भी अहम रहा।

Gorakhpur: तहसील गोला के ग्राम सभा चौतीसा में गुरुवार को जिलाधिकारी दीपक मीणा ने चिल्लूपार विधायक राजेश त्रिपाठी के साथ चौपाल लगाकर ग्रामीणों की समस्याएं सुनीं। डीएम ने ग्रामीणों से सीधे संवाद करते हुए उनकी शिकायतें जानीं और संबंधित अधिकारियों को मौके पर ही समस्याओं के प्राथमिकता के आधार पर निस्तारण के निर्देश दिए।

उन्होंने स्पष्ट कहा कि जनशिकायतों को अनावश्यक रूप से लंबित रखने अथवा निस्तारण में लापरवाही बरतने पर जिम्मेदारी तय की जाएगी।

डीएम ने अधिकारियों को दिए निर्देश

चौपाल में ग्रामीणों ने गांव की मूलभूत सुविधाओं और स्थानीय समस्याओं से जिलाधिकारी को अवगत कराया। डीएम ने संबंधित विभागों के अधिकारियों से समस्याओं के समाधान की स्थिति की जानकारी ली। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि पात्र लोगों को शासन की योजनाओं का लाभ समय से मिले और गांव में कराए जा रहे विकास कार्यों की गुणवत्ता पर विशेष निगरानी रखी जाए। किसी भी स्तर पर कमी मिलने पर नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।

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विधायक राजेश त्रिपाठी ने भी ग्रामीणों से संवाद कर क्षेत्र की समस्याओं को जिलाधिकारी के सामने रखा। उन्होंने बाढ़ की आशंका वाले गांवों में सुरक्षा और राहत व्यवस्थाओं को मजबूत रखने पर जोर दिया।

बढ़ते जलस्तर के बीच डीएम ने परखी तैयारियां

चौपाल के बाद जिलाधिकारी ने नदी के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए गोला क्षेत्र के बाढ़ प्रभावित और संवेदनशील इलाकों का निरीक्षण किया। उन्होंने मौके पर जलस्तर की स्थिति देखी और अधिकारियों से बाढ़ की वर्तमान स्थिति और संभावित खतरे की जानकारी ली। डीएम ने निर्देश दिया कि संवेदनशील गांवों पर लगातार निगरानी रखी जाए और जलस्तर में बदलाव की सूचना तत्काल संबंधित अधिकारियों तक पहुंचाई जाए।

उन्होंने कहा कि बाढ़ की स्थिति उत्पन्न होने पर लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने के लिए पहले से पूरी तैयारी रहे। राहत शिविरों, नावों और बचाव संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के साथ ही प्रभावित लोगों के लिए भोजन, पेयजल, दवाइयां और पशुओं के चारे की व्यवस्था में कोई कमी नहीं होनी चाहिए।

विभागों को आपसी समन्वय से काम करने के निर्देश

डीएम ने राजस्व, सिंचाई, पुलिस और स्वास्थ्य विभाग समेत सभी संबंधित विभागों को आपसी समन्वय से काम करने के निर्देश दिए। कटान, जलभराव और आवागमन प्रभावित होने वाले क्षेत्रों पर विशेष नजर रखने को कहा।

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निरीक्षण के दौरान एसडीएम गोला मनीष कुमार समेत तहसील प्रशासन के अधिकारी मौजूद रहे। ग्राम प्रधान चौतीसा ने भी गांव की स्थिति से जिलाधिकारी को अवगत कराया। डीएम ने कहा कि प्रशासन की पहली प्राथमिकता बाढ़ की स्थिति में लोगों की जान-माल की सुरक्षा है और इसके लिए अधिकारी क्षेत्र में लगातार भ्रमण कर ग्रामीणों से संपर्क बनाए रखें

Location :  Gorakhpur

Published :  10 September 2026, 6:26 PM IST

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