Gorakhpur: रिजल्ट से निराशा बनी मौत की वजह, 10वीं की छात्रा ने उठाया खौफनाक कदम

मामला सहजनवा थाना क्षेत्र के तिलौरा गांव का है। यहां की रहने वाली आराध्या धर दुबे, पिता दुर्गेश धर दुबे, गीडा क्षेत्र के एक निजी स्कूल में कक्षा 10 की छात्रा थी। हाल ही में आए परीक्षा परिणाम में वह पास हो गई थी, लेकिन अपने प्रदर्शन से खुश नहीं थी। बताया जा रहा है कि इसी बात को लेकर वह पिछले कुछ दिनों से मानसिक तनाव में चल रही थी।

Post Published By: Mayank Tawer
Updated : 16 April 2026, 9:00 PM IST

Gorakhpur: गोरखपुर के सहजनवा इलाके से एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जहां परीक्षा परिणाम से निराश एक 15 वर्षीय छात्रा ने ऐसा कदम उठा लिया, जिसने पूरे गांव को गहरे सदमे में डाल दिया। महज कुछ अंकों की कमी ने एक मासूम जिंदगी छीन ली और परिवार को जिंदगी भर का दर्द दे गई। घटना के बाद इलाके में शोक और सन्नाटा पसरा हुआ है।

रिजल्ट से संतुष्ट नहीं थी छात्रा, मानसिक तनाव में थी

मामला सहजनवा थाना क्षेत्र के तिलौरा गांव का है। यहां की रहने वाली आराध्या धर दुबे, पिता दुर्गेश धर दुबे, गीडा क्षेत्र के एक निजी स्कूल में कक्षा 10 की छात्रा थी। हाल ही में आए परीक्षा परिणाम में वह पास हो गई थी, लेकिन अपने प्रदर्शन से खुश नहीं थी। बताया जा रहा है कि इसी बात को लेकर वह पिछले कुछ दिनों से मानसिक तनाव में चल रही थी।

घर पर ही किया विषाक्त पदार्थ का सेवन

बुधवार दोपहर अचानक आराध्या ने घर पर ही कोई जहरीला पदार्थ सेवन कर लिया। उसकी हालत बिगड़ते ही परिजन घबरा गए और तुरंत उसे इलाज के लिए गोरखपुर के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया। डॉक्टरों ने उसे बचाने की पूरी कोशिश की, लेकिन देर रात इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।

इलाके में मातम, परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल

घटना के बाद परिजन शव को घर लेकर लौटे तो पूरे गांव में मातम पसर गया। गुरुवार सुबह पुलिस को सूचना दी गई, जिसके बाद सहजनवा थाना पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है और गांव के लोग भी इस हादसे से स्तब्ध हैं।

पुलिस जांच में जुटी, रिपोर्ट का इंतजार

थाना प्रभारी के मुताबिक, शुरुआती जांच में मामला मानसिक तनाव से जुड़ा प्रतीत हो रहा है। उन्होंने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के सही कारणों की पुष्टि हो सकेगी और उसी आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

बढ़ता मानसिक दबाव बना चिंता का विषय

यह घटना एक बार फिर इस गंभीर मुद्दे की ओर इशारा करती है कि परीक्षा परिणाम को लेकर बच्चों पर बढ़ता मानसिक दबाव कितना खतरनाक साबित हो सकता है। विशेषज्ञ मानते हैं कि ऐसे समय में अभिभावकों और शिक्षकों की भूमिका बेहद अहम होती है। बच्चों को यह समझाना जरूरी है कि एक परीक्षा का परिणाम उनकी पूरी जिंदगी तय नहीं करता।

Location :  Gorakhpur

Published :  16 April 2026, 9:00 PM IST