15 दिन का अल्टीमेटम: गो संरक्षण में लापरवाही पर CDO का कड़ा प्रहार, तालनदौर केन्द्र होगा पूरी तरह क्रियाशील

गोरखपुर के वृहद गो संरक्षण केन्द्र तालनदौर को लेकर सीडीओ शाश्वत त्रिपुरारी ने सख्त रुख अपनाया है। औचक निरीक्षण के दौरान व्यवस्थाओं में खामियां मिलने पर उन्होंने 15 दिन के भीतर केन्द्र को पूरी तरह क्रियाशील करने का निर्देश दिया।

Post Published By: Nidhi Kushwaha
Updated : 20 January 2026, 3:55 PM IST

Gorakhpur: गोरखपुर जनपद में निराश्रित गोवंश के संरक्षण को लेकर प्रशासन ने अब सख्त तेवर अपना लिए हैं। मुख्य विकास अधिकारी शाश्वत त्रिपुरारी ने मुख्य पशुचिकित्साधिकारी के साथ वृहद गो संरक्षण केन्द्र तालनदौर का औचक निरीक्षण कर व्यवस्थाओं की वास्तविक स्थिति का जायजा लिया।

डाइनामाइट न्यूज़ संवाददाता के अनुसार, निरीक्षण के दौरान खण्ड विकास अधिकारी पिपरौली और पशु चिकित्साधिकारी पिपरौली भी मौजूद रहे। सीडीओ ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और केन्द्र को हर हाल में 15 दिन के भीतर पूर्ण रूप से क्रियाशील किया जाए।

एप्रोच मार्ग बना बड़ी बाधा

निरीक्षण के दौरान सीडीओ ने गो संरक्षण केन्द्र में उपलब्ध आधारभूत सुविधाओं, गोवंश के आवास, चारा, पानी और आवागमन की व्यवस्था का बारीकी से निरीक्षण किया। इस दौरान यह सामने आया कि केन्द्र तक पहुंचने वाला एप्रोच मार्ग जर्जर स्थिति में है, जिससे संचालन में लगातार बाधा उत्पन्न हो रही है। इस पर नाराजगी जताते हुए सीडीओ ने खण्ड विकास अधिकारी पिपरौली को निर्देश दिया कि तत्काल खड़ंजा निर्माण कराया जाए और कार्य को तय समय-सीमा में पूरा किया जाए।

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पानी और रास्ता प्राथमिकता में

मुख्य विकास अधिकारी ने यूपीसीएलडीएफ के अधिशासी अभियन्ता को भी निर्देशित किया कि पानी की चरही के पास क्षतिग्रस्त खड़ंजे की मरम्मत शीघ्र कराई जाए। उन्होंने कहा कि पानी और आवागमन की सुविधा गौशाला के संचालन की रीढ़ होती है। अगर इन दोनों में कमी रही तो गोवंश के संरक्षण और देखभाल पर सीधा असर पड़ेगा, जो किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं है।

समन्वय से होगा गोवंश का संरक्षण

सीडीओ शाश्वत त्रिपुरारी ने कहा कि सरकार की प्राथमिकता निराश्रित गोवंश को सुरक्षित आश्रय देना और उनका समुचित पालन-पोषण सुनिश्चित करना है। इसके लिए पशुपालन, ग्राम विकास और अन्य संबंधित विभागों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करना होगा। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर निर्धारित 15 दिन की समय-सीमा में कार्य पूरे नहीं हुए, तो जिम्मेदारी तय कर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

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सड़क दुर्घटनाओं पर भी लगेगा अंकुश

निरीक्षण के दौरान अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि गौशाला में नियमित साफ-सफाई, पर्याप्त चारा व्यवस्था, समय-समय पर स्वास्थ्य परीक्षण और निर्बाध जलापूर्ति सुनिश्चित की जाए। सीडीओ ने कहा कि केन्द्र के पूरी तरह क्रियाशील होने से क्षेत्र में सड़कों पर घूम रहे निराश्रित गोवंश को सुरक्षित आश्रय मिलेगा, जिससे सड़क दुर्घटनाओं पर भी प्रभावी नियंत्रण संभव होगा।

Location : 
  • Gorakhpur

Published : 
  • 20 January 2026, 3:55 PM IST