गोरखपुर में बांस की खेती से बढ़ेगी कमाई, विशेषज्ञों ने बताए कमाई के कई रास्ते

गोरखपुर में बांस की खेती को सिर्फ हरियाली नहीं, बल्कि कमाई के नए साधन के रूप में बढ़ावा देने की दिशा में पहल हुई है। राज्य स्तरीय कार्यशाला में विशेषज्ञों ने बांस की खेती से लेकर उत्पाद निर्माण तक की जानकारी साझा की और बताया कि किसान इससे अपनी आय बढ़ाने के नए अवसर कैसे तलाश सकते हैं।

Gorakhpur: राष्ट्रीय बांस मिशन के अंतर्गत सीएफसी कैंपियरगंज में आयोजित पांच दिवसीय कार्यशाला सह प्रशिक्षण कार्यक्रम के तहत शनिवार को शहीद अशफाक उल्ला खां प्राणी उद्यान, गोरखपुर में एक दिवसीय राज्य स्तरीय कार्यशाला का आयोजन किया गया।

इस विषय पर हुई चर्चा

कार्यशाला में बांस की खेती, उसकी विभिन्न प्रजातियों, उत्पाद निर्माण और इसके माध्यम से आर्थिक लाभ अर्जित करने की संभावनाओं पर विशेषज्ञों ने विस्तार से जानकारी दी।

कार्यशाला के मुख्य अतिथि अपर प्रधान मुख्य वन संरक्षक गोरखपुर मंडल डा. बीसी ब्रह्मा रहे। विशिष्ट अतिथि प्राणी उद्यान के निदेशक सूरज, प्रभागीय वनाधिकारी गोरखपुर शुभम सिंह, उप प्रभागीय वनाधिकारी विनीत कुमार सिंह तथा उप निदेशक डा. योगेश प्रताप सिंह मौजूद रहे। इसके अलावा वन विभाग एवं प्राणी उद्यान के अधिकारी-कर्मचारी, बैम्बू मिशन से जुड़ी प्रशिक्षित महिलाएं तथा छात्र-छात्राओं ने प्रतिभाग किया।

 

मुख्य अतिथि डा. बीसी ब्रह्मा ने बांस की खेती के विभिन्न पहलुओं पर जानकारी देते हुए बताया कि बांस से तैयार होने वाली सामग्री के उत्पादन के माध्यम से स्वरोजगार और आय के अवसर विकसित किए जा सकते हैं। उन्होंने प्रतिभागियों को बांस की खेती के साथ इससे बनने वाले विभिन्न उपयोगी उत्पादों के निर्माण के लिए प्रोत्साहित किया।

वनस्पति शास्त्र विभाग के प्रोफेसर एवं विभागाध्यक्ष डा. रामवन्त गुप्ता ने पीपीटी के माध्यम से बांस की खेती, इसकी विभिन्न प्रजातियों तथा उनके उपयोग की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने विभिन्न प्रयोगों और उत्पादों के माध्यम से बांस से आर्थिक लाभ प्राप्त करने की संभावनाओं को भी समझाया।

आग की लपटों में स्वाहा हुआ 8 लाख का सामान, जल गया उधारी का रजिस्टर: गोरखपुर के सिकरीगंज में कृषि सेवा केंद्र में भीषण अग्निकांड

प्राणी उद्यान के निदेशक सूरज ने आमजन को बांस के उत्पादों के प्रति जागरूक करने और विभिन्न स्थानों पर इनके विक्रय के लिए दुकानें संचालित करने को प्रोत्साहित किया। उन्होंने बैम्बू मिशन से जुड़ी महिलाओं के कार्यों की सराहना करते हुए उन्हें आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। इस दौरान प्रशिक्षण के दौरान तैयार किए गए बांस के विभिन्न उत्पादों का अवलोकन भी किया गया।

कार्यशाला के दौरान बैम्बू मिशन से जुड़ी महिलाओं को प्रमाणपत्र प्रदान कर प्रोत्साहित किया गया। छात्र-छात्राओं ने भी कार्यक्रम में सक्रिय सहभागिता की।

गोरखपुर की राजघाट पुलिस का बड़ा एक्शन: चेकिंग के दौरान पकड़े गए दो तस्कर, कब्जे से भारी मात्रा में अवैध गांजा बरामद

कार्यक्रम के अंत में प्रभागीय वनाधिकारी शुभम सिंह ने मुख्य अतिथियों, प्रशिक्षित महिलाओं, छात्र-छात्राओं एवं सभी प्रतिभागियों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि ऐसे प्रशिक्षण कार्यक्रम बांस आधारित रोजगार और स्थानीय स्तर पर उत्पाद निर्माण को बढ़ावा देने में उपयोगी साबित हो सकते हैं। धन्यवाद ज्ञापन के साथ राज्य स्तरीय कार्यशाला का समापन हुआ।

Location :  Gorakhpur

Published :  4 October 2026, 12:34 AM IST

Advertisement