खजनी थाना क्षेत्र के ग्राम सभा लमती निवासी 22 वर्षीय रजत त्रिपाठी पुत्र कुसमाकर त्रिपाठी पर गांव के ही कुछ लोगों ने अचानक हमला बोल दिया। आरोप है कि हमलावर अरविंद तिवारी, जयनारायण तिवारी, हरिओम तिवारी और बजरंगी तिवारी गोलबंद होकर पिस्टल, लाठी-डंडा और भुजाली जैसे धारदार हथियारों से लैस होकर पहुंचे

पिता पुत्र पर जानलेवा हमला
Gorakhpur: गोरखपुर जनपद के खजनी थाना क्षेत्र में गुरुवार शाम एक दिल दहला देने वाली वारदात सामने आई, जहां पुराने विवाद को लेकर दबंगों ने पिता-पुत्र पर धारदार हथियारों से जानलेवा हमला कर दिया। घटना के बाद न केवल इलाके में दहशत फैल गई, बल्कि पुलिस और स्वास्थ्य व्यवस्था की कार्यप्रणाली पर भी गंभीर सवाल खड़े हो गए।
मिली जानकारी के अनुसार, खजनी थाना क्षेत्र के ग्राम सभा लमती निवासी 22 वर्षीय रजत त्रिपाठी पुत्र कुसमाकर त्रिपाठी पर गांव के ही कुछ लोगों ने अचानक हमला बोल दिया। आरोप है कि हमलावर अरविंद तिवारी, जयनारायण तिवारी, हरिओम तिवारी और बजरंगी तिवारी गोलबंद होकर पिस्टल, लाठी-डंडा और भुजाली जैसे धारदार हथियारों से लैस होकर पहुंचे और रजत पर ताबड़तोड़ वार करने लगे।
बताया जा रहा है कि हमले के दौरान एक हमलावर ने रजत की गर्दन पर भुजाली से वार किया। रजत ने किसी तरह खुद को बचाने की कोशिश की, लेकिन इस दौरान उसके हाथ पर गहरा वार हुआ, जिससे हाथ की नसें कट गईं और वह गंभीर रूप से घायल हो गया। अपने बेटे को बचाने के लिए जब पिता कुसमाकर त्रिपाठी आगे आए तो हमलावरों ने उन पर भी हमला कर दिया, जिससे उनकी आंखों में गंभीर चोट आई।
गोरखपुर: खजनी में दिनदहाड़े सनसनी, धारदार हथियार से पिता-पुत्र पर धार दार औजार से जानलेवा हमला#upcrime #gorakhpurattack @Uppolice @gorakhpurpolice pic.twitter.com/54DGrGlcMB
— डाइनामाइट न्यूज़ हिंदी (@DNHindi) March 19, 2026
घटना के बाद घायल पिता-पुत्र ने तत्काल पुलिस को सूचना दी, लेकिन आरोप है कि मौके पर कोई पुलिसकर्मी नहीं पहुंचा। मजबूरी में दोनों घायल अवस्था में खुद ही प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र खजनी पहुंचे, जहां उन्हें ताला लटका मिला। इस लापरवाही से आक्रोशित पिता-पुत्र ने पुलिस और स्वास्थ्य व्यवस्था को कोसते हुए किसी तरह जिला अस्पताल की ओर रुख किया।
स्थानीय लोगों का कहना है कि अगर पुलिस प्रशासन पहले से ही सख्ती बरतता तो इतना बड़ा हमला नहीं होता। घटना को लेकर गांव में तनाव का माहौल बना हुआ है और पीड़ित परिवार ने आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।
फिलहाल पुलिस मामले की जांच में जुटी है। इस घटना ने एक बार फिर कानून-व्यवस्था और ग्रामीण स्वास्थ्य सेवाओं की पोल खोल कर रख दी है।