FRK चावल में मनमानी लूट की हदें पार, महराजगंज की 6 व देवरिया की 1 मिल पर बड़ा आरोप, डीएम से शिकायत, आंदोलन की चेतावनी

महराजगंज में फोर्टिफाइड राइस कर्नेल (FRK) चावल की सप्लाई को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। आदर्श राइस मिलर्स वेलफेयर एसोसिएशन ने 7 मिलों पर टेंडर रेट से दोगुनी कीमत वसूलने का आरोप लगाते हुए जिलाधिकारी से शिकायत की है। संगठन ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो मिलर सड़क पर उतरकर आंदोलन करेंगे।

Post Published By: Poonam Rajput
Updated : 9 January 2026, 5:50 PM IST

Maharajganj: जनपद में फोर्टिफाइड राइस कर्नेल (FRK) चावल की आपूर्ति को लेकर राइस मिल उद्योग में भारी आक्रोश देखने को मिल रहा है। FRK, जिसे पोषक तत्वों से भरपूर चावल का दाना कहा जाता है, सरकार की महत्वाकांक्षी धान खरीद और सार्वजनिक वितरण प्रणाली का अहम हिस्सा है। लेकिन इसी योजना के नाम पर कुछ चुनिंदा मिलरों द्वारा खुलेआम मनमानी और लूट किए जाने के आरोप सामने आए हैं।

राइस मिलरों की DM संतोष कुमार शर्मा से मुलाकात 

आदर्श राइस मिलर्स वेलफेयर एसोसिएशन के जिला अध्यक्ष सचिंद्र कुमार गुप्ता उर्फ गुड्डू के नेतृत्व में तीन दर्जन से अधिक राइस मिलरों ने जिलाधिकारी संतोष कुमार शर्मा से मुलाकात कर लिखित शिकायत सौंपी। शिकायत में बताया गया कि महराजगंज की 6 और देवरिया के उसर बाजार की 1 मिल समेत कुल 7 मिलों ने FRK चावल की सप्लाई का टेंडर 41.89 रुपये प्रति किलो की दर से प्राप्त किया है। इसके बावजूद ये मिलर अन्य राइस मिलों को FRK चावल लगभग दोगुनी दर, यानी 11,200 रुपये प्रति कुंतल के हिसाब से जबरन बेच रहे हैं।

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सरकारी धान खरीद योजना पर सीधा असर

मिलरों का आरोप है कि यदि कोई तय की गई मनमानी दर पर FRK चावल खरीदने से इंकार करता है, तो उसे धमकाया जाता है और व्यापार बंद कराने की चेतावनी दी जाती है। इस जबरदस्ती के चलते कई राइस मिलों में CMR (कस्टम मिल्ड राइस) का संप्रदान बाधित हो गया है, जिससे सरकारी धान खरीद योजना पर सीधा असर पड़ रहा है।

संगठन ने आरोप लगाया कि कुछ बड़े और प्रभावशाली मिलर सत्ता के संरक्षण में अपने धनबल और बाहुबल के सहारे छोटे मिलरों का शोषण कर रहे हैं। इससे न केवल मिल उद्योग प्रभावित हो रहा है, बल्कि सरकार की छवि भी धूमिल हो रही है। संगठन ने इसे “बड़ी मछली द्वारा छोटी मछली को निगलने” जैसा उदाहरण बताया।

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शिकायत में जिन 7 FRK सप्लायर मिलों के नाम सामने आए हैं, उनमें बसंतपुर के मेसर्स कृष्णा एग्रो, रहेनियम फॉर्मर भागाटार, संथा गारिक एग्रो (महादेवा), जय मां दुर्गा ट्रेडर्स (सेमरा राजा), विंध्यवासिनी शक्ति एग्रो राइस मिल (पनियरा), शिव राइस मिल (कसमरिया), न्यूट्री फूड्स (उसर बाजार, देवरिया) FRK सप्लायर शामिल हैं। संगठन का दावा है कि मंडल स्तर पर केवल 8 लोगों को ठेका देकर पूरे सिस्टम को नियंत्रित किया जा रहा है।

सबकी निगाहें जिला प्रशासन की कार्रवाई पर

मिलरों ने साफ चेतावनी दी है कि यदि FRK चावल टेंडर रेट पर उपलब्ध नहीं कराया गया और दोषी मिलरों पर कार्रवाई नहीं हुई, तो वे अपनी मिलें बंद कर सड़क पर उतरेंगे। जरूरत पड़ी तो राजधानी लखनऊ तक कूच कर उच्च अधिकारियों और मंत्रालय तक अपनी शिकायत पहुंचाई जाएगी। अब सबकी निगाहें जिला प्रशासन की कार्रवाई पर टिकी हैं।

इस दौरान पर प्रतिभा राइस मिल, श्याम इंटरप्राइजेज, शिवम राइस मिल, में. कृष्णा, विनायक मार्डन, शिवेंद्र वर्मा, बाबा बैजनाथ राइस मिल, पूजा राइस मिल, गणपति राइस मिल, शक्ति प्राइजेज, श्री शक्ति, मां वैष्णो मिल, समेत तीन दर्जन से अधिक मिलर मौजूद रहे।

Location : 
  • Maharajganj

Published : 
  • 9 January 2026, 5:50 PM IST