सोनौली बॉर्डर पर ‘ट्रकों का सैलाब’! 3-4 दिन से फंसे ड्राइवर, सिस्टम पर उठे सवाल

महराजगंज के सोनौली बॉर्डर पर ट्रकों की लंबी कतार ने हालात बिगाड़ दिए हैं। हजारों किलोमीटर दूर से आए ड्राइवर कई दिनों से जाम में फंसे हैं। टोकन होने के बावजूद गाड़ियों को आगे नहीं बढ़ाया जा रहा, जबकि बिना टोकन वाले वाहनों को आगे निकलने के आरोप लगे हैं। ड्राइवरों ने प्रशासन से तत्काल समाधान की मांग की है।

Post Published By: Asmita Patel
Updated : 11 April 2026, 9:05 PM IST

Maharajganj: भारत-नेपाल सीमा के सोनौली बॉर्डर पर इन दिनों जो हालात बने हुए हैं, वह किसी संकट से कम नहीं हैं। सड़कों पर खड़े ट्रकों की लंबी कतारें अब सिर्फ ट्रैफिक जाम नहीं, बल्कि हजारों ड्राइवरों के लिए एक तरह की कैद बन चुकी हैं। हजारों किलोमीटर दूर से माल लेकर पहुंचे ये ड्राइवर पिछले कई दिनों से जाम में फंसे हैं। रात-दिन एक ही जगह खड़े रहना, न ठीक से खाना मिल पा रहा है और न ही आराम की कोई व्यवस्था- ऐसे हालात में उनकी जिंदगी मुश्किल हो गई है।

सोनौली-गोरखपुर हाईवे पर बढ़ता दबाव

सोनौली-गोरखपुर राष्ट्रीय राजमार्ग पर ट्रकों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। हालत यह है कि एक लेन पूरी तरह ट्रकों से भर चुकी है और यह लाइन एक से दो किलोमीटर नहीं, बल्कि कई जगहों पर तीन किलोमीटर तक फैल गई है। इस जाम का असर सिर्फ ट्रक ड्राइवरों तक सीमित नहीं है, बल्कि आम लोगों को भी भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। रोजमर्रा के काम से निकलने वाले लोग घंटों जाम में फंस रहे हैं और रास्ता पार करना तक मुश्किल हो गया है।

“टोकन है फिर भी लाइन में…” ड्राइवरों का फूटा गुस्सा

सबसे बड़ी नाराजगी ट्रक ड्राइवरों के बीच टोकन सिस्टम को लेकर है। ड्राइवरों का कहना है कि उनके पास वैध टोकन नंबर होने के बावजूद उन्हें कई दिनों तक लाइन में खड़ा रहना पड़ रहा है। कोलकाता, अमृतसर, बिहार, चेन्नई और झारखंड जैसे दूर-दराज इलाकों से आए ड्राइवरों ने आरोप लगाया कि बिना टोकन वाली गाड़ियां ‘सेटिंग’ के जरिए साइड से आगे निकल जा रही हैं। उनका कहना है कि यह पूरी व्यवस्था पर सवाल खड़े करता है। “हमारे पास टोकन है, फिर भी हम 3-4 दिन से लाइन में खड़े हैं, जबकि कुछ गाड़ियां बिना टोकन के आगे पहुंच जा रही हैं,” एक ड्राइवर ने गुस्से में कहा।

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खाने-पीने तक की दिक्कत, हालात हुए बदतर

जाम में फंसे ड्राइवरों के लिए सबसे बड़ी परेशानी बुनियादी सुविधाओं की कमी है। कई ड्राइवरों ने बताया कि उन्हें खाने-पीने के लिए इधर-उधर भटकना पड़ रहा है। सड़क किनारे ही दिन-रात गुजारना उनकी मजबूरी बन गई है। न ठीक से सोने की जगह है और न ही साफ-सफाई की व्यवस्था। कुछ ड्राइवरों ने बताया कि लगातार खड़े रहने की वजह से उनकी तबीयत भी खराब होने लगी है, लेकिन मजबूरी में वे वहीं डटे हुए हैं।

प्रशासन पर उठे सवाल

इस पूरे मामले में प्रशासन की भूमिका पर भी सवाल उठ रहे हैं। ड्राइवरों और स्थानीय लोगों का कहना है कि अगर सही तरीके से ट्रैफिक मैनेजमेंट किया जाए, तो इस समस्या को काफी हद तक कम किया जा सकता है। ड्राइवरों ने प्रशासन से मांग की है कि जिन गाड़ियों के पास टोकन नंबर नहीं है, उन्हें सर्विस लेन में खड़ा किया जाए और जिनके पास वैध टोकन है, उन्हें प्राथमिकता के आधार पर आगे बढ़ाया जाए।

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कब खुलेगा जाम का ‘जाल’

फिलहाल सोनौली बॉर्डर पर हालात जस के तस बने हुए हैं। ट्रकों की कतारें लगातार बढ़ रही हैं और ड्राइवरों की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। हर गुजरते दिन के साथ उनका इंतजार और लंबा होता जा रहा है। अब सभी की नजर प्रशासन पर टिकी है कि आखिर कब इस जाम के जाल से उन्हें राहत मिलेगी।

Location :  maharajganj

Published :  11 April 2026, 9:05 PM IST