Fatehpur: असोथर में अचानक पर्यावरणीय संकट, ग्रामीणों में भारी आक्रोश

असोथर के दो गांवों में अचानक पेड़ों की कटाई ने स्थानीयों को झकझोर दिया। ग्रामीणों का गुस्सा और सवालों की लहर, रहस्य और विवाद के बीच कौन जिम्मेदार? जानिए कैसे यह घटना पर्यावरण और जीवन को प्रभावित कर सकती है।

Post Published By: सौम्या सिंह
Updated : 7 April 2026, 11:44 AM IST

Fatehpur: उत्तर प्रदेश में फतेहपूर के असोथर थाना क्षेत्र में अवैध पेड़ कटान का मामला सामने आने से ग्रामीणों में रोष फैल गया है। घरवासीपुर गांव में तीन फलदार महुआ के पेड़ों को काटा गया, जबकि गेडुरी गांव में एक हरा-भरा नीम का पेड़ भी काटा गया।

आरोप है कि अंदीपुर निवासी अंगद तिवारी (पुत्र रामेश्वर तिवारी) ने इस कटाई के लिए भानू नामक ठेकेदार से करीब 39 हजार रुपये में सौदा किया। ठेकेदार मीरपुर स्थित आरा मशीन का संचालक बताया जा रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि महुआ और नीम जैसी पेड़ों की कटाई न केवल पर्यावरण के लिए नुकसानदेह है, बल्कि इससे उनकी आजीविका पर भी गंभीर असर पड़ता है।

महुआ का पेड़ आर्थिक रूप से महत्वपूर्ण है और इसके फूलों से विभिन्न उत्पाद तैयार किए जाते हैं। वहीं नीम के पेड़ औषधीय और पर्यावरणीय दृष्टि से बेहद अहम हैं। ग्रामीणों ने बताया कि इस तरह की अवैध कटाई से पेड़ों की संख्या घटती है और पर्यावरण संतुलन भी बिगड़ता है।

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सरकारी लापरवाही पर सवाल

ग्रामीणों ने सवाल उठाया कि एक ओर सरकार वृक्षारोपण और पर्यावरण संरक्षण के लिए अभियान चला रही है, वहीं दूसरी ओर जिम्मेदार विभागों की लापरवाही से हरे-भरे पेड़ों की कटाई हो रही है। उनका कहना है कि यह केवल अवैध नहीं है, बल्कि इससे आने वाले समय में पर्यावरणीय संकट भी बढ़ सकता है।

क्षेत्र में मीरपुर और नगर पंचायत असोथर के बैरहना गांव के सामने, निचली गंगा नहर किनारे आरा मशीनों के संचालन की भी चर्चा है। ग्रामीणों ने वन विभाग और पुलिस प्रशासन से दोषियों के खिलाफ तुरंत कार्रवाई और भविष्य में ऐसी घटनाओं पर रोक लगाने की मांग की है।

उन्होंने कहा कि महुआ और नीम जैसे पेड़ सिर्फ पर्यावरण ही नहीं बल्कि ग्रामीण आजीविका का भी आधार हैं। इस प्रकार की कटाई से ग्रामीण समुदाय को आर्थिक और सामाजिक नुकसान उठाना पड़ता है।

जांच और कार्रवाई शुरू

मामले की जानकारी मिलते ही वन विभाग और पुलिस प्रशासन ने जांच शुरू कर दी है। हल्का इंचार्ज उपनिरीक्षक सूर्य नाथ ने बताया कि थाना प्रभारी के सख्त निर्देश हैं कि हरे, फलदार और औषधीय पेड़ों की कटान नहीं होने दी जाएगी। बिना अनुमति पेड़ काटने वालों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया जाएगा।

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वन दरोगा सतेंद्र सिंह राठौर ने कहा कि मामला उनके संज्ञान में अभी आया है और किसी प्रकार की अनुमति नहीं दी गई। उन्होंने बताया कि जांच कर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। ग्रामीणों का कहना है कि यह घटना उन्हें बेहद चिंतित कर गई है और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए ठोस कदम उठाए जाने चाहिए।

Location :  Fatehpur

Published :  7 April 2026, 11:44 AM IST