DN Exclusive: UP Assembly Elections 2027, सपा जल्द करेगी अपने चुनावी अभियान का शंखनाद; जानिये इस बार पार्टी की खास रणनीति

उत्तर प्रदेश में वर्ष 2027 में होने वाले विधानसभा चुनावों को लेकर समाजवादी पार्टी (सपा) ने अभी से अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं। पार्टी प्रदेश-भर में “समाजवादी समानता भाईचारा रैली” आयोजित करने जा रही है, जिसकी शुरुआत 29 मार्च को नोएडा के दादरी से सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव करेंगे।

Post Published By: Poonam Rajput
Updated : 8 February 2026, 9:01 PM IST

Lucknow: उत्तर प्रदेश में वर्ष 2027 में होने वाले विधानसभा चुनावों को लेकर समाजवादी पार्टी (सपा) ने अभी से अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं। पार्टी प्रदेश-भर में “समाजवादी समानता भाईचारा रैली” आयोजित करने जा रही है, जिसकी शुरुआत 29 मार्च को नोएडा के दादरी से सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव करेंगे। इसके बाद यह अभियान प्रदेश के सभी जिलों तक ले जाया जाएगा। रैलियों के संचालन और समन्वय की जिम्मेदारी पार्टी प्रवक्ता राजकुमार भाटी को सौंपी गई है।

कमजोर गढ़ से मजबूती का संदेश देने की रणनीति

नोएडा-दादरी से अभियान की शुरुआत को राजनीतिक रूप से अहम माना जा रहा है। दरअसल, पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कई इलाकों में सपा का संगठन अपेक्षाकृत कमजोर माना जाता रहा है। ऐसे में पार्टी यहां से रैली शुरू कर यह संदेश देना चाहती है कि वह अपने कमजोर क्षेत्रों में भी मजबूती के साथ उतरने को तैयार है। पार्टी नेतृत्व का मानना है कि यदि इन इलाकों में संगठनात्मक ढांचा मजबूत किया गया, तो आगामी चुनावों के चुनावी समीकरणों में बड़ा बदलाव संभव है।

सभी जिलों में होंगी रैलियां

दादरी से शुरू होने वाली रैली की तर्ज पर प्रदेश के हर जिले में कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। स्थानीय स्तर पर पार्टी नेता इसकी तैयारियों में जुट गए हैं। इन रैलियों के जरिए सपा विशेष रूप से उन विधानसभा क्षेत्रों पर ध्यान केंद्रित कर रही है, जहां उसे 2022 के चुनाव में हार का सामना करना पड़ा था। पार्टी की रणनीति है कि जमीनी स्तर पर कार्यकर्ताओं को सक्रिय कर वहां राजनीतिक पकड़ मजबूत की जाए।

The Candid Talk: यूपी की बेटी ने भक्ति को बनाया डिजिटल, AI वाले पंडित जी करवाएंगे पूजा-पाठ

उम्मीदवार चयन प्रक्रिया तेज

रैलियों के साथ-साथ समाजवादी पार्टी ने उम्मीदवार चयन की प्रक्रिया भी तेज कर दी है। टिकट वितरण में जातीय और सामाजिक समीकरणों को खास महत्व दिया जा रहा है।
पार्टी ऐसे चेहरों को आगे लाना चाहती है जिनकी क्षेत्र में मजबूत पकड़ और स्वीकार्यता हो। साथ ही संगठनात्मक गतिविधियों और अभियानों में सक्रिय भूमिका निभाने वाले नेताओं को भी प्राथमिकता देने की तैयारी है। सूत्रों के अनुसार, प्रत्येक सीट पर संभावित उम्मीदवारों को लेकर सर्वे भी कराया जा रहा है, ताकि जीत की संभावना वाले प्रत्याशी चुने जा सकें।

‘शुभ संकेत’ और नोएडा का राजनीतिक मिथक

पार्टी के वरिष्ठ नेताओं का मानना है कि 2012 में अखिलेश यादव ने गौतमबुद्धनगर से साइकिल यात्रा शुरू की थी और उसी वर्ष सपा को सत्ता मिली थी। इसी कारण दादरी से नए अभियान की शुरुआत को भी शुभ संकेत के तौर पर देखा जा रहा है।

केदारनाथ धाम में भारी बर्फबारी के बीच सुरक्षा व्यवस्था हाई अलर्ट,जानें पूरी खबर

हालांकि, नोएडा को लेकर एक पुराना राजनीतिक मिथक भी चर्चा में रहता है कि जो मुख्यमंत्री नोएडा जाता है, वह कुछ ही समय में सत्ता गंवा देता है। यही वजह रही कि अपने कार्यकाल में अखिलेश यादव नोएडा नहीं गए थे और 2017 व 2022 के चुनावों में भी उन्होंने अभियान की शुरुआत दूसरे जिलों से की थी। अब 2027 की तैयारी के साथ दादरी से शुरू हो रहा यह अभियान सपा की नई चुनावी रणनीति और बदले आत्मविश्वास का संकेत माना जा रहा है।

Location : 
  • Lucknow

Published : 
  • 8 February 2026, 9:01 PM IST