DN Exclusive: UP में SIR के नाम पर वोटर लिस्ट से काटे जा रहे हैं नाम? चुनाव आयोग की प्रक्रिया पर उठे सवाल

देभभर में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR (Special Intensive Revision) की प्रक्रिया जारी है। बूथ लेवल ऑफिसर (BLO) की टीमें  चुनाव आयोग के निर्देश पर घर-घर जाकर सत्यापन कर रही हैं।

Post Published By: Poonam Rajput
Updated : 5 February 2026, 8:44 PM IST

New Delhi/Lucknow: देभभर में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR (Special Intensive Revision) की प्रक्रिया जारी है। बूथ लेवल ऑफिसर (BLO) की टीमें  चुनाव आयोग के निर्देश पर घर-घर जाकर सत्यापन कर रही हैं। आधिकारिक तौर पर इस प्रक्रिया का उद्देश्य डुप्लीकेट, मृत या स्थानांतरित मतदाताओं के नाम हटाना और सूची को शुद्ध बनाना है।

उत्तर प्रदेश राज्य की बात करें तो यहां एसआईआर की प्रक्रिया खत्म हो चुकी है और ड्राफ्ट लिस्ट भी सामने आ चुकी है। जिसमे करोडों लोगों के मतादाता सूची से नाम काटने की खबर सामने आई।  ऐसे में अब इस प्रक्रिया को लेकर कई राज्यों, खासकर उत्तर प्रदेश, से गंभीर आरोप सामने आने लगे हैं। विपक्षी दलों और कुछ जनप्रतिनिधियों का दावा है कि SIR की आड़ में चुनिंदा मतदाताओं के नाम गलत तरीके से काटे जा रहे हैं। सियासी हलकों में यह मुद्दा तेजी से तूल पकड़ रहा है।

कब शुरू हुई SIR प्रक्रिया

चुनाव आयोग ने अक्टूबर 2025 में 12 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण के दूसरे चरण की घोषणा की थी। हर चुनाव से पहले यह एक नियमित प्रशासनिक प्रक्रिया मानी जाती है, लेकिन इस बार इसे लेकर राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया है।

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उत्तर प्रदेश से उठ रहे सबसे ज्यादा सवाल

सूत्रों और राजनीतिक बयानों के आधार पर दावा किया जा रहा है कि कुछ जिलों में बड़े पैमाने पर नाम कटने की शिकायतें सामने आई हैं।

मुरादनगर का मामला

पूर्व विधायक वहाब चौधरी ने आरोप लगाया कि मतदाता सूची में धांधली की जा रही है। उनके नाम से कथित रूप से फर्जी फॉर्म-7 भरकर वोट काटने की कोशिश हुई। दलित और अल्पसंख्यक बहुल इलाकों को निशाना बनाया जा रहा है। उन्होंने प्रशासन से दोषियों पर कार्रवाई और कटे नाम बहाल करने की मांग की है।

नगीना से सांसद चंद्रशेखर का आरोप

आजाद समाज पार्टी के प्रमुख और नगीना सांसद चंद्रशेखर आजाद ने भी चुनाव आयोग पर गलत तरीके से नाम काटने के आरोप लगाए हैं। इससे पहले सपा प्रमुख अखिलेश यादव भी SIR प्रक्रिया को लेकर सवाल उठा चुके हैं। लगातार आ रहे इन बयानों से मामला अब राजनीतिक बहस का केंद्र बन गया है।

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अन्य राज्यों तक पहुंचा विवाद

SIR को लेकर आपत्तियां सिर्फ उत्तर प्रदेश तक सीमित नहीं रहीं। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने भी इस मुद्दे पर सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था, जिससे यह मामला राष्ट्रीय स्तर की चर्चा में आ गया।

अगर आपका नाम वोटर लिस्ट से कट जाए तो क्या करें

ऑनलाइन शिकायत कैसे करें

  • NVSP की आधिकारिक वेबसाइट पर जाएं
  • Register Complaint विकल्प चुनें
  • लॉगिन/अकाउंट बनाकर शिकायत दर्ज करें

ऑफलाइन तरीका

  • हेल्पलाइन 1950 पर संपर्क करें
  • अपने क्षेत्र के BLO से मिलें
  • जरूरी दस्तावेजों के साथ फॉर्म-6 भरें

नाम सत्यापित होने के बाद मतदाता सूची में दोबारा जोड़ा जा सकता है।

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सबसे अहम बात

इस रिपोर्ट में शामिल कई आरोप राजनीतिक बयानों और सूत्रों पर आधारित हैं। इनकी स्वतंत्र आधिकारिक पुष्टि होना अभी बाकी है। चुनाव आयोग का कहना है कि SIR का उद्देश्य केवल मतदाता सूची को पारदर्शी और त्रुटिरहित बनाना है।

Location : 
  • Lucknow

Published : 
  • 5 February 2026, 8:44 PM IST