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नोएडा में आयोजित DME यूथ पार्लियामेंट 2026 में विद्यार्थियों ने संसदीय प्रक्रिया का शानदार प्रदर्शन किया। मुख्य अतिथि सांसद शांभवी चौधरी ने युवाओं को लोकतंत्र और जमीनी जुड़ाव का महत्व बताया। राइट टू डिस्कनेक्ट बिल पर हुई बहस ने कार्यक्रम को खास बना दिया और छात्रों को नेतृत्व के लिए प्रेरित किया।
लोकसभा सांसद शांभवी चौधरी
Noida: उत्तर प्रदेश के नोएडा में स्थित दिल्ली मेट्रोपॉलिटन एजुकेशन (DME) में आयोजित यूथ पार्लियामेंट 2026 ने लोकतंत्र की जीवंत तस्वीर पेश की। DME की यूथ पार्लियामेंट कमेटी और NSS सेल द्वारा आयोजित इस प्रतियोगिता में विद्यार्थियों ने संसद की कार्यवाही का प्रभावशाली अनुकरण किया। इस कार्यक्रम में मुख्य रूप से सांसद शांभवी चौधरी मौजूद रहीं।
कार्यक्रम की शुरुआत श्रद्धांजलि से हुई, जहां अध्यक्ष ने अजित पवार के निधन पर मौन रखवाया। इसके बाद प्रश्नकाल में विपक्ष ने सरकार से तीखे सवाल किए, जिससे पूरे आयोजन में वास्तविक संसद जैसी गंभीरता और ऊर्जा देखने को मिली। महामारी रोग विधेयक पर हुई गहन चर्चा और उसके पारित होने ने छात्रों की समझ और तैयारी को दर्शाया।
इस वर्ष का मुख्य आकर्षण 'द राइट टू डिस्कनेक्ट बिल 2025' रहा। जिस पर विद्यार्थियों के बीच उत्साहपूर्ण बहस देखने को मिली। इस बिल के जरिए कार्य-जीवन संतुलन जैसे अहम मुद्दे को उठाया गया, जिसे छात्रों ने बेहद गंभीरता से समझा और प्रस्तुत किया।
सुप्रिया सुले के निजी सदस्य के रूप में पेश इस बिल पर पक्ष और विपक्ष दोनों ने अपने-अपने तर्क रखे। अंततः बहुमत से इस बिल को पारित किया गया, जिसने कार्यक्रम को और भी प्रभावशाली बना दिया। इस बहस ने यह साबित किया कि युवा पीढ़ी न सिर्फ सामाजिक मुद्दों को समझती है, बल्कि उनके समाधान पर भी गंभीरता से विचार करती है।
कार्यक्रम में पुरस्कार वितरित किए गए
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुईं समस्तीपुर की युवा लोकसभा सांसद शांभवी चौधरी ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए अपने अनुभव साझा किए। उन्होंने बताया कि उनकी राजनीतिक यात्रा की शुरुआत भी यूथ पार्लियामेंट जैसे मंच से ही हुई थी।
अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि ऐसे मंच भविष्य के नेताओं को तैयार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने युवाओं से अपील की कि वे राष्ट्रीय मुद्दों पर अनुशासित और जिम्मेदार बहस करें। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि देश और अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जुड़ाव, सोशल मीडिया कनेक्शन से कहीं अधिक महत्वपूर्ण है।
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कार्यक्रम के अंत में DME निदेशक प्रो. (डॉ.) कोमल विग और लॉ स्कूल प्रमुख प्रो. (डॉ.) राजिंदर कौर रंधावा ने मुख्य अतिथि को स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया। समापन समारोह में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले छात्रों को पुरस्कृत किया गया और कार्यक्रम का समापन समन्वयक डॉ. फराह हयात के धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ।
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