सरकारी जमीन पर कब्जे का खेल या बड़ी साजिश? डीएम के अचानक पहुंचते ही खुलने लगे राज

देवरिया में सरकारी भूमि और रास्तों पर अवैध कब्जे की शिकायतों पर डीएम मधुसूदन हुल्गी ने खुद मौके पर पहुंचकर जांच की। सीमांकन, सत्यापन और कार्रवाई के निर्देश दिए गए। कई मामलों में कब्जा हटाने की प्रक्रिया पूरी मिली, जबकि कुछ प्रकरणों में अधिकारियों को तत्काल समाधान के निर्देश दिए गए।

Post Published By: Poonam Rajput
Updated : 14 July 2026, 3:55 PM IST
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Deoria: जनता दर्शन में लगातार मिल रही सरकारी भूमि, रास्तों और खलिहान की जमीन पर अवैध कब्जे की शिकायतों को जिलाधिकारी मधुसूदन हुल्गी ने गंभीरता से लिया। मंगलवार को उन्होंने अधिकारियों के साथ मौके पर पहुंचकर कई शिकायतों की वास्तविक स्थिति की जांच की। डीएम के अचानक निरीक्षण से राजस्व विभाग में भी सक्रियता बढ़ गई।

पिपरा चंद्रभान में रास्ते और बंजर भूमि का हुआ सत्यापन

ग्राम पिपरा चंद्रभान निवासी यमला सिंह की शिकायत पर जिलाधिकारी ने गाटा संख्या 242-क की बंजर भूमि और गाटा संख्या 242-ख में दर्ज रास्ते का निरीक्षण कराया। राजस्व टीम ने मौके पर पहुंचकर सीमांकन प्रक्रिया पूरी की। जांच के दौरान रास्ता चालू स्थिति में पाया गया और सरकारी भूमि की स्थिति का भी सत्यापन किया गया।

डीएम ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी अभिलेखों और मौके की स्थिति का मिलान कर स्पष्ट रिपोर्ट तैयार की जाए, ताकि किसी भी प्रकार के विवाद को जल्द समाप्त किया जा सके।

खलिहान की जमीन पर कब्जे के मामले में हुई कार्रवाई

इसी गांव में खलिहान की भूमि पर अवैध कब्जे की शिकायत की भी समीक्षा की गई। अधिकारियों ने जिलाधिकारी को बताया कि राजस्व टीम द्वारा पहले ही भूमि को कब्जामुक्त कराया जा चुका है। वर्तमान में मामला उत्तर प्रदेश राजस्व संहिता की धारा 122-बी के तहत तहसीलदार न्यायालय में विचाराधीन है।

जिलाधिकारी ने तहसीलदार को निर्देश दिए कि लंबित प्रकरणों का जल्द निस्तारण किया जाए, जिससे सरकारी संपत्ति की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके।

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रास्ता बंद करने की शिकायत पर तत्काल कार्रवाई के आदेश

ग्राम सेमरी निवासी मंगरू की ओर से रास्ते की भूमि पर कब्जे की शिकायत पर डीएम ने सख्त रुख अपनाया। उन्होंने तहसीलदार और थाना प्रभारी बघौचघाट को तत्काल आवश्यक कार्रवाई करते हुए आवागमन बहाल कराने के निर्देश दिए।

उन्होंने स्पष्ट कहा कि आम लोगों के रास्तों को अवरुद्ध करना या सरकारी भूमि पर कब्जा करना किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं किया जाएगा।

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अधिकारियों को दिए सख्त निर्देश

निरीक्षण के दौरान उपजिलाधिकारी सदर प्रवीण कुमार, तहसीलदार के.के. मिश्र, लेखपाल, कानूनगो, ग्रामवासी और शिकायतकर्ता मौजूद रहे।

जिलाधिकारी ने कहा कि सरकारी जमीन, रास्ते और खलिहान जैसी सार्वजनिक संपत्तियों की सुरक्षा प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है। ऐसे मामलों में लापरवाही करने वाले अधिकारियों पर भी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने सभी राजस्व अधिकारियों को निर्देश दिए कि जनता दर्शन में आने वाली शिकायतों का प्राथमिकता के आधार पर निस्तारण सुनिश्चित करें।

Location :  Deoria

Published :  14 July 2026, 3:55 PM IST

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