
यूपी की पूर्व IAS दिव्या मित्तल (Img: Facebook)
Lucknow: उत्तर प्रदेश की पूर्व IAS अधिकारी दिव्या मित्तल ने आखिरकार अपने अगले कदम से पर्दा उठा दिया है। 29 सितंबर की सुबह सोशल मीडिया पर वीडियो जारी कर उन्होंने राजनीति में आने का ऐलान किया। उन्होंने साफ कहा कि वह उत्तर प्रदेश में ही रहेंगी, डरेंगी नहीं और लोगों से जुड़े सवाल उठाती रहेंगी।
खास बात यह रही कि उन्होंने किसी राजनीतिक दल के साथ जाने के बजाय जनता के साथ मिलकर एक नया मंच खड़ा करने की बात कही।
अपने वीडियो संदेश में दिव्या मित्तल ने कहा कि IAS पद छोड़ने के बाद लोगों के मन में यह सवाल था कि अब वह क्या करेंगी। उन्होंने इसका जवाब देते हुए कहा कि वह राजनीति में जाएंगी, लेकिन उनका मकसद सिर्फ एक राजनेता बनना नहीं है। उन्होंने कहा कि वह उन लोगों की आवाज बनना चाहती हैं, जिनकी समस्याएं सरकारी दफ्तरों तक पहुंचने के बाद भी कई बार सुनी नहीं जातीं।
उन्होंने अपने प्रशासनिक अनुभव के कई किस्से भी साझा किए। लहुरियादह के पहाड़ी इलाके का उदाहरण देते हुए उन्होंने बताया कि एक महिला ने पानी या मकान की मांग करने के बजाय अपने गांव में आगे की पढ़ाई के लिए स्कूल की मांग की थी। दिव्या के मुताबिक, स्कूल को मंजूरी मिलने के बावजूद लंबे समय तक उसका निर्माण शुरू नहीं हो सका। इसी अनुभव के जरिए उन्होंने व्यवस्था में केवल नियमों से ज्यादा इच्छाशक्ति की जरूरत का सवाल उठाया।
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दिव्या मित्तल ने एक भूमिहीन व्यक्ति का मामला भी सुनाया। उनके अनुसार, उस व्यक्ति को सरकारी जमीन का पट्टा मिला था, लेकिन कागज होने के बावजूद जमीन पर कब्जा नहीं मिल पाया। उन्होंने मामले की रिपोर्ट को गलत पाए जाने के बाद कार्रवाई की बात कही, लेकिन कब्जा दिलाने के स्तर पर उन्हें कथित तौर पर ऊपर से रोक की बात सुनने को मिली।
इसी घटना का जिक्र करते हुए उन्होंने सवाल उठाया कि अगर संविधान में सबसे ऊपर जनता है तो आम आदमी को अपने अधिकार के लिए इतनी भागदौड़ क्यों करनी पड़ती है। उन्होंने कहा कि न्याय किसी की कृपा नहीं, बल्कि नागरिक का अधिकार होना चाहिए।
अपने संबोधन में पूर्व IAS ने गांवों की सड़कों, पुलों, स्कूलों और सड़क हादसों का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि कई जगह समस्याओं की जानकारी अधिकारियों को होती है, फाइलों और आंकड़ों की जानकारी भी होती है, लेकिन सवाल चिंता और प्राथमिकता का है।
दिव्या ने युवाओं के भविष्य का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने पेपर लीक, प्रतियोगी परीक्षाओं में लगने वाले वर्षों और भविष्य को लेकर छात्रों की चिंता का जिक्र किया। साथ ही AI के बढ़ते इस्तेमाल के बीच रोजगार को लेकर युवाओं के मन में पैदा हो रही आशंकाओं पर भी सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि राजनीति में सत्ता और शिलान्यास तो दिखाई देता है, लेकिन भविष्य को लेकर सोच पर पर्याप्त चर्चा नहीं होती।
दिव्या मित्तल ने अपने भाषण में यह भी साफ किया कि फिलहाल वह किसी राजनीतिक दल के साथ जुड़ने की बात नहीं कर रही हैं। उन्होंने कहा कि वह लोगों के साथ मिलकर ऐसा मंच बनाना चाहती हैं, जो सवाल पूछने से डरे नहीं। उन्होंने अपने खिलाफ सोशल मीडिया पर किए गए एक दावे का भी जिक्र किया और कहा कि इस्तीफे के बाद उनके बारे में एक ऐसी मुलाकात का दावा किया गया जो उनके अनुसार हुई ही नहीं थी। उन्होंने इसे डराने की कोशिश बताया और कहा कि वह इससे पीछे हटने वाली नहीं हैं।
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उन्होंने चुनावी राजनीति में पैसा, बाहुबल और जाति-धर्म के समीकरणों को लेकर भी सवाल उठाए। उनका कहना था कि उन्हें बाहुबल नहीं, बल्कि लोगों से मिलने वाली ताकत चाहिए। जाति और धर्म के आधार पर राजनीति करने के बजाय उन्होंने सभी लोगों के साथ काम करने की बात कही।
दिव्या मित्तल ने कहा कि उत्तर प्रदेश उनके लिए सिर्फ नौकरी की जगह नहीं रहा, बल्कि यहां के लोगों ने उन्हें अपनी बेटी की तरह अपनाया। इसी वजह से उन्होंने उत्तर प्रदेश को अपनी कर्मभूमि बताते हुए राजनीतिक सफर की शुरुआत भी यहीं से करने की बात कही। उन्होंने लोगों से अपने ऊपर आंख बंद करके भरोसा करने के बजाय खुद पर भरोसा करने की अपील की। शिक्षक, डॉक्टर, किसान, मजदूर, वकील, छात्र और आम परिवारों को इस नए प्रयास से जोड़ने की बात कही।
दिव्या मित्तल 2013 बैच की IAS अधिकारी रही हैं। उन्होंने 30 अगस्त 2026 को प्रशासनिक सेवा से इस्तीफा दिया था और उनका इस्तीफा सितंबर में स्वीकार हो गया। इस्तीफे के बाद से ही उनके अगले कदम को लेकर चर्चा चल रही थी। इससे पहले वह उत्तर प्रदेश सरकार के राजस्व विभाग में विशेष सचिव के पद पर तैनात थीं।
लंदन की नौकरी छोड़कर सिविल सेवा में आने वाली दिव्या मित्तल ने 13 साल की प्रशासनिक सेवा के बाद अब राजनीति का रास्ता चुना है। IIT दिल्ली से पढ़ाई और IIM बेंगलुरु से MBA करने के बाद उन्होंने विदेश में नौकरी की थी। बाद में UPSC की तैयारी कर 2013 में IAS बनीं। उत्तर प्रदेश में मिर्जापुर, संत कबीरनगर और देवरिया समेत कई जगहों पर उनकी तैनाती रही।
Location : Lucknow
Published : 29 September 2026, 9:50 AM IST