बरेली में केसर चीनी मिल भूमि नीलामी पर विवाद, राकेश टिकैत ने खोला मोर्चा

बरेली के बहेड़ी स्थित केसर चीनी मिल की भूमि नीलामी को लेकर विवाद गहराया। भाकियू ने नीलामी प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए उच्चस्तरीय जांच की मांग की है। किसानों के बकाया भुगतान और पारदर्शिता को लेकर गंभीर आरोप लगाए गए हैं।

Post Published By: Nitin Parashar
Updated : 10 June 2026, 1:00 AM IST

Bareilly : बहेड़ी स्थित केसर चीनी मिल की भूमि नीलामी को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। मामला अब राजनीतिक और किसान संगठनों के स्तर पर पहुंच गया है। भारतीय किसान यूनियन (भाकियू) के राष्ट्रीय प्रवक्ता चौधरी राकेश टिकैत ने मुख्यमंत्री को पत्र भेजकर पूरे प्रकरण की उच्चस्तरीय और निष्पक्ष जांच की मांग की है।

नीलामी मूल्य पर विवाद

भाकियू का आरोप है कि करीब 90 करोड़ रुपये मूल्य की बताई जा रही भूमि को मात्र 28.5 करोड़ रुपये में नीलाम किए जाने की चर्चा है। संगठन का कहना है कि इतनी बड़ी कीमत में अंतर से सरकारी राजस्व और किसानों दोनों के हितों को नुकसान पहुंचने की आशंका है। इस मामले ने स्थानीय किसानों में भी नाराजगी बढ़ा दी है।

किसानों के बकाया भुगतान का मुद्दा

किसान संगठन का कहना है कि केसर चीनी मिल से क्षेत्र के हजारों किसान वर्षों से जुड़े रहे हैं और उनका गन्ना भुगतान लंबे समय से बकाया है। किसानों को उम्मीद थी कि मिल की परिसंपत्तियों की बिक्री से मिलने वाली धनराशि का उपयोग उनके बकाया भुगतान में किया जाएगा, लेकिन अब नीलामी प्रक्रिया पर उठ रहे सवालों ने उनकी उम्मीदों को झटका दिया है।

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पारदर्शिता पर उठे सवाल

भाकियू ने आरोप लगाया है कि नीलामी प्रक्रिया में पर्याप्त पारदर्शिता नहीं बरती गई और संभावित बोलीदाताओं को उचित अवसर नहीं दिया गया। संगठन का कहना है कि पूरी प्रक्रिया संदिग्ध परिस्थितियों में हुई है। जिसकी गहन जांच आवश्यक है।

मुख्यमंत्री से जांच की मांग

भाकियू ने मुख्यमंत्री से मांग की है कि नीलामी प्रक्रिया, बाजार मूल्य, सर्किल रेट और वास्तविक बोली प्रक्रिया की विस्तृत जांच कराई जाए। यदि जांच में किसी प्रकार की अनियमितता या मिलीभगत सामने आती है तो दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।

नीलामी निरस्त करने की मांग

संगठन ने यह भी कहा है कि यदि आवश्यक हो तो वर्तमान नीलामी को निरस्त कर पूरी पारदर्शिता के साथ पुन खुली नीलामी कराई जाए। साथ ही किसानों के बकाया गन्ना भुगतान को सर्वोच्च प्राथमिकता पर सुनिश्चित किया जाए।

किसानों में नाराजगी

भाकियू ने कहा है कि इस मामले की जांच रिपोर्ट सार्वजनिक की जानी चाहिए, ताकि किसानों और आम जनता का भरोसा बहाल हो सके। संगठन ने उम्मीद जताई है कि सरकार किसानों के हितों को ध्यान में रखते हुए जल्द उचित कदम उठाएगी।

Location :  Bareilly

Published :  10 June 2026, 1:00 AM IST