देवरिया पानी की टंकी केस: अस्पताल में तैयार हुई थी मर्डर की कहानी, महाराष्ट्र के मृतक का गोरखपुर की बीवी से लिंक

देवरिया मेडिकल कॉलेज की पानी की टंकी में अशोक गांडे का शव मिलने के मामले में पुलिस की जांच अब हत्या की ओर मुड़ गई है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट, गायब होने की घटनाएं और मेडिकल रिकॉर्ड इस हत्या में कई अहम सुराग दे रहे हैं।

Post Published By: Mayank Tawer
Updated : 13 October 2025, 5:28 PM IST
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Deoria: देवरिया मेडिकल कॉलेज की पानी की टंकी में 6 अक्टूबर को एक अज्ञात शव मिलने की घटना ने पूरे प्रशासनिक तंत्र को हिलाकर रख दिया था। अब जब शव की पहचान महाराष्ट्र के ठाणे जिले के कुलगांव निवासी 61 वर्षीय अशोक गांडे के रूप में हो चुकी है तो पुलिस की जांच ने बड़ा मोड़ ले लिया है। अब तक की छानबीन, पोस्टमार्टम रिपोर्ट और अन्य सबूत हत्या की ओर इशारा कर रहे हैं।

पोस्टमार्टम रिपोर्ट से मिला अहम सुराग

पोस्टमार्टम रिपोर्ट में यह स्पष्ट हुआ है कि अशोक की मौत पानी की टंकी में डाले जाने से पहले ही हो चुकी थी। उनके फेफड़ों में पानी नहीं पाया गया, जिससे यह साफ है कि शव को पानी में डूबोया गया, लेकिन डूबने से मौत नहीं हुई। इसके अलावा शरीर पर चोट के निशान भी पाए गए हैं, जिससे मामला और गंभीर हो गया है।

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ओपीडी बिल्डिंग पर पुलिस का शक गहरा

पुलिस की जांच का फोकस अब मेडिकल कॉलेज की ओपीडी बिल्डिंग पर है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, यहीं हत्या का "ब्लू प्रिंट" तैयार किया गया हो सकता है। आशंका है कि यहीं पर अशोक की हत्या की योजना बनी और उसे अंजाम दिया गया।

मानसिक रोग की कहानी संदिग्ध

अशोक के साले प्रफुल्ल और पत्नी तनु का दावा है कि अशोक मानसिक रूप से अस्वस्थ थे। लेकिन रिकॉर्ड कुछ और ही कहानी बयां करते हैं। मेडिकल कॉलेज में उनका इलाज सर्जिकल वार्ड में पैर के घाव के लिए चल रहा था। बीएचटी (Bed Head Ticket) पर दर्ज दवाओं से भी मानसिक रोग का कोई संकेत नहीं मिला है।

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दो बार गायब हुए, नहीं दी सूचना

जांच में यह भी सामने आया है कि अशोक अस्पताल में भर्ती रहते हुए 24 घंटे में दो बार गायब हुए थे, लेकिन इसके बावजूद मेडिकल कॉलेज प्रशासन ने पुलिस को कोई सूचना नहीं दी। यह लापरवाही अब जांच का अहम हिस्सा बन गई है।

पुलिस की रडार पर तीन स्वास्थ्यकर्मी

फिलहाल पुलिस तीन स्वास्थ्यकर्मियों पर नजर रखे हुए है, जो संदिग्ध माने जा रहे हैं। इनकी भूमिका की गहराई से जांच की जा रही है। अशोक के भर्ती रजिस्टर में दर्ज मोबाइल नंबर अब बंद मिला है। साथ ही एक चश्मदीद सुदर्शन यादव ने बताया कि अशोक उन्हें चौरा चौरी क्षेत्र में सड़क किनारे मिले थे और उन्होंने दो नंबरों पर कॉल करने को कहा था, जिनमें से एक बंद था और दूसरे पर किसी ने कॉल रिसीव नहीं किया।

महाराष्ट्र और गोरखपुर के तार भी जुड़े

इस केस में पुलिस ने अशोक के महाराष्ट्र स्थित घर और गोरखपुर के ससुराल की भी जांच की है। वहां से मिले तथ्यों को जोड़ते हुए पुलिस अब इस गुत्थी को अंतिम रूप से सुलझाने में जुटी है। अशोक की पहचान के बाद उनकी पत्नी तनु और साले प्रफुल्ल नागरकर ने गोरखपुर के हुमायूंपुर दक्षिणी स्थित आवास पर शांतिपाठ कराया। सोमवार को दोनों देवरिया पहुंचकर पुलिस के सामने अपने बयान दर्ज करवाए। इससे पहले शनिवार को पुलिस ने संपर्क किया था, लेकिन कर्मकांड के चलते वे बयान नहीं दे सके थे।

Location : 
  • Deoria

Published : 
  • 13 October 2025, 5:28 PM IST

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