देवरिया में अचानक सड़क पर पहुंचे डीएम, अधिकारियों के सामने खुदवा दी सड़क… फिर लिया बड़ा फैसला

देवरिया में जिलाधिकारी मधुसूदन हुल्गी ने शुक्रवार को निर्माण कार्यों की गुणवत्ता जांचने के लिए औचक निरीक्षण किया। पिपरा चंद्रभान-सहजौली मार्ग पर डीएम ने सड़क की खुदाई कराकर उसकी अलग-अलग परतों की मोटाई और सामग्री की गुणवत्ता परखी। वहीं भलुअनी में निर्माणाधीन आवासीय परियोजना में इस्तेमाल हो रही ईंट, सीमेंट समेत अन्य सामग्री के नमूने जांच के लिए भेजने के निर्देश दिए।

Post Published By: Asmita Patel
Updated : 21 August 2026, 1:16 PM IST
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Deoria: देवरिया में सरकारी निर्माण कार्यों की गुणवत्ता को लेकर जिलाधिकारी मधुसूदन हुल्गी शुक्रवार को अचानक मौके पर पहुंच गए। डीएम ने जिले में चल रही दो बड़ी निर्माण परियोजनाओं का औचक निरीक्षण किया और अधिकारियों के सामने ही निर्माण की हकीकत परखी। खास बात यह रही कि सड़क की गुणवत्ता सिर्फ ऊपर से देखकर नहीं, बल्कि उसकी परतों की वास्तविक स्थिति जानने के लिए खुदाई कराकर जांची गई।

6.92 किलोमीटर सड़क की खुदाई कराई

जिलाधिकारी ने सबसे पहले पिपरा चंद्रभान से सहजौली मार्ग का निरीक्षण किया। यह सड़क प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना यानी पीएमजीएसवाई के तहत बनाई जा रही है। सड़क की कुल लंबाई 6.92 किलोमीटर है और इसके निर्माण पर करीब 6.20 करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं। मौके पर पहुंचते ही डीएम ने सड़क की वास्तविक गुणवत्ता जांचने के निर्देश दिए। इसके बाद टीम की मौजूदगी में सड़क की खुदाई कराई गई। खुदाई के जरिए सड़क में इस्तेमाल की गई अलग-अलग परतों की मोटाई को देखा गया। साथ ही निर्माण में इस्तेमाल सामग्री की गुणवत्ता भी परखी गई।

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ऊपर से सड़क चमकाने के बजाय अंदर की परत भी देखी

अक्सर सड़क निर्माण में गुणवत्ता की जांच सिर्फ ऊपर से देखकर कर ली जाती है, लेकिन इस निरीक्षण में डीएम ने सड़क की अंदरूनी परतों की भी हकीकत जानने पर जोर दिया। उन्होंने सड़क की खुदाई कराकर यह देखा कि निर्माण के दौरान अलग-अलग परतों को निर्धारित मोटाई और मानकों के मुताबिक तैयार किया गया है या नहीं।

भलुअनी में आवासीय परियोजना का भी निरीक्षण

सड़क परियोजना के निरीक्षण के बाद जिलाधिकारी भलुअनी विकासखंड परिसर में निर्माणाधीन आवासीय परियोजना का जायजा लेने पहुंचे। इस परियोजना का निर्माण करीब 2.58 करोड़ रुपये की लागत से कराया जा रहा है। जानकारी के मुताबिक परियोजना का निर्माण कार्य दिसंबर 2025 में शुरू हुआ था और इसे मार्च 2027 तक पूरा किया जाना निर्धारित है। निरीक्षण के दौरान डीएम ने निर्माण की प्रगति के साथ-साथ भवन निर्माण में इस्तेमाल हो रही सामग्री की गुणवत्ता को भी देखा।

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ईंट और सीमेंट के नमूने जांच के लिए भेजने के निर्देश

डीएम ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि निर्माण में इस्तेमाल हो रही सामग्री के नमूने नियमानुसार लिए जाएं और उनकी प्रयोगशाला में जांच कराई जाए। इसका मकसद यह सुनिश्चित करना है कि निर्माण में इस्तेमाल होने वाली सामग्री निर्धारित गुणवत्ता के मानकों पर खरी उतर रही है या नहीं।

देरी पर भी होगी कार्रवाई

जिलाधिकारी ने निरीक्षण के दौरान अधिकारियों को निर्माण कार्य निर्धारित समयसीमा में पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि गुणवत्ता के साथ-साथ परियोजनाओं को समय पर पूरा करना भी जरूरी है। निर्माण कार्य में अनावश्यक देरी होने पर संबंधित विभाग और कार्यदायी संस्था की जिम्मेदारी तय की जाएगी।

Location :  Deoria

Published :  21 August 2026, 1:16 PM IST

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