देवरिया में प्रशासनिक सख्ती: आईजीआरएस और राजस्व वसूली में लापरवाही पर 11 अधिकारियों पर गिरी गाज

देवरिया जिलाधिकारी ने आईजीआरएस, राजस्व वसूली और विभागीय कार्यों में लापरवाही पर 11 अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की है। चार ईओ, जल निगम ईई और एडीओ पंचायत को प्रतिकूल प्रविष्टि दी गई है।

Post Published By: सौम्या सिंह
Updated : 6 October 2026, 3:52 PM IST

Deoria: उत्तर प्रदेश के देवरिया जिले में शासन की प्राथमिकताओं और विकास कार्यों के प्रति बरती जा रही ढिलाई पर जिला प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाया है। जिलाधिकारी द्वारा हाल ही में आयोजित एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक के दौरान आईजीआरएस (जनसुनवाई पोर्टल), राजस्व वसूली और विभिन्न विभागों के लक्ष्यों की प्रगति की गहन समीक्षा की गई। इस दौरान कार्यों में लापरवाही और उदासीनता पाए जाने पर कुल 11 अधिकारियों के खिलाफ सख्त दंडात्मक कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं।

आईजीआरएस और कार्यों में लापरवाही पर प्रतिकूल प्रविष्टि

जनसुनवाई पोर्टल यानी आईजीआरएस पर प्राप्त शिकायतों के निस्तारण में अपेक्षित प्रगति न दिखाने वाले अधिकारियों पर विशेष गाज गिरी है। जिलाधिकारी के निर्देश पर चार अलग-अलग नगर निकायों के अधिशासी अधिकारियों (ईओ) को प्रतिकूल प्रविष्टि दी गई है। इसके साथ ही, जल निगम ग्रामीण के अधिशासी अभियंता तथा भलुअनी ब्लॉक के एडीओ पंचायत को भी कार्य में शिथिलता बरतने के कारण प्रतिकूल प्रविष्टि देने के आदेश जारी किए गए हैं। प्रशासन का स्पष्ट संदेश है कि जन शिकायतों के निस्तारण में किसी भी प्रकार की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

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बैठक से गायब अधिकारियों पर वेतन रोकने की कार्रवाई

प्रशासनिक बैठकों के प्रति गैर-जिम्मेदाराना रवैया अपनाने वाले अधिकारियों पर भी शिकंजा कसा गया है। समीक्षा बैठक से बिना किसी पूर्व सूचना के अनुपस्थित रहने वाले जिला कृषि अधिकारी, जिला मत्स्य अधिकारी और जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी का एक-एक दिन का वेतन रोकने के कड़े निर्देश दिए गए हैं। वहीं, जल निगम (बरहज) के अधिशासी अभियंता और लार नगर निकाय के ईओ को स्पष्टीकरण मांगते हुए कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है।

कम प्रगति वाले निकायों को चेतावनी और लक्ष्य शत-प्रतिशत पूरा करने के निर्देश

नगर निकायों के विकास कार्यों और योजनाओं की प्रगति की समीक्षा के दौरान यह पाया गया कि कुछ क्षेत्रों में प्रदर्शन असंतोषजनक है। जिन निकायों में प्रगति 50 प्रतिशत से भी कम दर्ज की गई, उनमें भाटपाररानी, सलेमपुर और रामपुर कारखाना के अधिशासी अधिकारियों को कड़ी चेतावनी दी गई है। जिलाधिकारी ने सभी संबंधित अधिकारियों को कड़े शब्दों में चेताया है कि वे अपने-अपने विभागों के निर्धारित लक्ष्यों को शत-प्रतिशत पूरा करना सुनिश्चित करें। यदि भविष्य में भी कार्यों में लापरवाही या लक्ष्यों की अनदेखी पाई जाती है, तो संबंधित अधिकारियों के खिलाफ और अधिक कठोर अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।

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विद्युत राजस्व वसूली और साप्ताहिक समीक्षा की रणनीति

बैठक का एक अन्य प्रमुख बिंदु विद्युत विभाग की राजस्व वसूली की समीक्षा करना रहा। वसूली की गति धीमी मिलने पर जिलाधिकारी ने गहरी नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने विद्युत विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे प्राथमिकता के आधार पर शीर्ष 10 बड़े बकायेदारों से बकाए की वसूली तुरंत सुनिश्चित करें। इसके अतिरिक्त, आरसी के मिलान में किसी भी प्रकार की गड़बड़ी या विसंगति को रोकने के लिए अब प्रत्येक सप्ताह नियमित रूप से समीक्षा बैठक आयोजित करने का निर्णय लिया गया है।

Location :  Deoria

Published :  6 October 2026, 3:52 PM IST