देवघर में साइबर ठगों पर पुलिस का बड़ा वार, फर्जी कस्टमर केयर बनकर लोगों को लगाते थे चूना!

देवघर पुलिस ने साइबर ठगी करने वाले तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपी Google Pay, PhonePe, IRCTC और Airtel Payment Bank के अधिकारी बनकर लोगों से ठगी करते थे। पुलिस ने मोबाइल और सिम कार्ड बरामद कर जांच तेज कर दी है।

Post Published By: Bobby Raj
Updated : 9 June 2026, 4:45 PM IST
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Deoghar: डिजिटल दौर में साइबर अपराधियों के हथकंडे लगातार बदल रहे हैं। कभी बैंक अधिकारी तो कभी कस्टमर केयर प्रतिनिधि बनकर लोगों की मेहनत की कमाई पर हाथ साफ करने वाले एक गिरोह का देवघर पुलिस ने पर्दाफाश किया है। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जो देशभर के लोगों को ऑनलाइन ठगी का शिकार बना रहे थे।

एक फोन कॉल और शुरू हो जाता था ठगी का जाल

पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी खुद को Google Pay, PhonePe, Paytm, IRCTC और Airtel Payment Bank का अधिकारी बताकर लोगों को फोन करते थे। कभी कैशबैक का लालच दिया जाता, तो कभी खाते में फंसी रकम वापस कराने का भरोसा। कई बार बैंकिंग सेवाएं बंद होने का डर दिखाकर लोगों को जल्दबाजी में निर्णय लेने के लिए मजबूर किया जाता था।

बातचीत के दौरान पीड़ितों से ऐसी जानकारी हासिल की जाती या ऐसे कदम उठवाए जाते, जिससे उनकी रकम अपराधियों के खातों तक पहुंच जाती थी।

भरोसा बना सबसे बड़ा हथियार

साइबर विशेषज्ञों का मानना है कि आज के अधिकांश ऑनलाइन अपराध तकनीकी खामियों से नहीं, बल्कि लोगों के भरोसे का फायदा उठाकर किए जा रहे हैं। देवघर में पकड़े गए आरोपी भी इसी तरीके से लोगों को अपने जाल में फंसाते थे। प्रतिष्ठित कंपनियों का नाम लेकर वे लोगों का विश्वास जीतते और फिर ठगी को अंजाम देते थे।

बरामद हुए मोबाइल और सिम कार्ड

छापेमारी के दौरान पुलिस ने आरोपियों के पास से तीन मोबाइल फोन, तीन सक्रिय सिम कार्ड और दो प्रतिबंधित सिम कार्ड बरामद किए हैं। पुलिस अब जब्त किए गए डिजिटल उपकरणों की जांच कर रही है, ताकि इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों और संभावित पीड़ितों की जानकारी जुटाई जा सके।

गिरफ्तार आरोपियों की पहचान चित्र कुमार मंडल, छोटू कुमार मंडल और कुंदन कुमार के रूप में हुई है।

सतर्कता ही सबसे बड़ा बचाव

SDPO कुलदीप कुमार ने बताया कि साइबर अपराधियों के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा और किसी भी आरोपी को बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने लोगों से अपील की कि किसी भी अनजान कॉल पर OTP, बैंकिंग जानकारी या व्यक्तिगत विवरण साझा न करें। किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तुरंत साइबर हेल्पलाइन 1930 या नजदीकी पुलिस स्टेशन को दें।

पुलिस की इस कार्रवाई ने एक बार फिर साबित किया है कि साइबर अपराधियों पर शिकंजा कस रहा है, लेकिन इस लड़ाई में आम लोगों की जागरूकता ही सबसे मजबूत सुरक्षा कवच है।

Location :  Deoghar

Published :  9 June 2026, 4:45 PM IST

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