गोरखपुर पुलिस ने जिले में कानून-व्यवस्था को मजबूत करने और अपराध पर प्रभावी नियंत्रण के लिए हिस्ट्रीशीटर अपराधियों के खिलाफ एक सख्त अभियान छेड़ दिया। तीन दिवसीय इस विशेष सत्यापन अभियान के तहत कई हिस्ट्रीशीटरों की गतिविधियों, वर्तमान स्थिति और आपराधिक स्थित की गहन जांच की जा रही है।

गोरखपुर में हिस्ट्रीशीटरों पर प्रहार
Gorakhpur: जिले में कानून-व्यवस्था को मजबूत बनाने और अपराध पर प्रभावी नियंत्रण के लिए गोरखपुर पुलिस ने हिस्ट्रीशीटर अपराधियों के खिलाफ एक बड़ा और सख्त अभियान छेड़ दिया है। तीन दिवसीय इस विशेष सत्यापन अभियान के तहत कुल 1789 चिन्हित हिस्ट्रीशीटरों की गतिविधियों, वर्तमान स्थिति और आपराधिक रुझान की गहन जांच की जा रही है।
अभियान के पहले ही दिन पुलिस ने तेजी दिखाते हुए 1645 हिस्ट्रीशीटरों का सत्यापन पूरा कर लिया। जांच के दौरान 1013 अपराधी अपने घरों पर मौजूद मिले। इन सभी पर अब लगातार निगरानी रखने के निर्देश संबंधित थानों और बीट पुलिस को दिए गए हैं, ताकि भविष्य में किसी भी आपराधिक गतिविधि को समय रहते रोका जा सके।
जांच में यह भी सामने आया कि 122 हिस्ट्रीशीटर वर्तमान में विभिन्न जेलों में बंद हैं। वहीं 329 अपराधियों के बारे में उनके परिजनों ने बताया कि वे रोजी-रोटी के सिलसिले में दूसरे राज्यों में रह रहे हैं। पुलिस इन सूचनाओं की पुष्टि के लिए स्थानीय नेटवर्क, अन्य राज्यों की पुलिस और तकनीकी साधनों का सहारा ले रही है।
अभियान के दौरान 24 हिस्ट्रीशीटरों की मृत्यु की पुष्टि भी हुई है। ऐसे मामलों में पुलिस नियमानुसार उनके हिस्ट्रीशीट खाकों को समाप्त करने की प्रक्रिया शुरू कर रही है, जिसे जल्द पूरा कर लिया जाएगा।
सबसे ज्यादा चिंता का विषय 157 हिस्ट्रीशीटरों का अपने पते से गायब मिलना रहा, जिन्हें फरार या लापता माना गया है। इनकी तलाश के लिए पुलिस ने मुखबिर तंत्र को सक्रिय कर दिया है और इलेक्ट्रॉनिक सर्विलांस के जरिए उनकी लोकेशन ट्रेस की जा रही है। साथ ही इनके अद्यतन डोजियर तैयार कर आगे की सख्त कानूनी कार्रवाई की तैयारी भी की जा रही है।
पुलिस के अनुसार अभी 154 हिस्ट्रीशीटरों का सत्यापन बाकी है, जिसे अभियान के शेष दो दिनों में पूरा कर लिया जाएगा। अधिकारियों ने साफ किया है कि किसी भी संदिग्ध गतिविधि पर तत्काल कठोर कार्रवाई होगी।
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इस अभियान का उद्देश्य अपराधियों पर कड़ी नजर रखना, उनका अपडेटेड रिकॉर्ड तैयार करना और जिले में अपराध की संभावनाओं को न्यूनतम करना है। पुलिस को उम्मीद है कि इस सख्ती से अपराधियों में कानून का भय बढ़ेगा और आम जनता का भरोसा और मजबूत होगा।