गोरखपुर में घरेलू गैस सिलेंडरों की किल्लत से आम जनता परेशान है। जिला कांग्रेस कमेटी ने जिलाध्यक्ष राजेश कुमार तिवारी के नेतृत्व में उपजिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपकर प्रशासन पर हमला बोला। लंबी कतारों और कालाबाजारी के कारण लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी प्रभावित हो रही है।

कांग्रेस का प्रदर्शन
Gorakhpur: घरेलू गैस सिलेंडरों की किल्लत और कालाबाजारी के मुद्दे पर सियासत तेज हो गई है। सोमवार को जिला कांग्रेस कमेटी ने जिलाध्यक्ष राजेश कुमार तिवारी के नेतृत्व में उपजिलाधिकारी सदर को ज्ञापन सौंपकर प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। कांग्रेस नेताओं का आरोप है कि कई दिनों से जिले में गैस आपूर्ति चरमरा गई है। जिससे आम जनता को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
ज्ञापन में कहा गया कि शहर से लेकर ग्रामीण इलाकों तक गैस एजेंसियों पर उपभोक्ताओं की लंबी कतारें लगी हैं लेकिन समय पर सिलेंडर नहीं मिल पा रहे। कई स्थानों पर तय कीमत से अधिक वसूली कर खुली कालाबाजारी की जा रही है। इससे गरीब और मध्यमवर्गीय परिवारों की रसोई पर सीधा असर पड़ा है। महिलाओं को सबसे ज्यादा दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है, क्योंकि घरों में खाना बनाना मुश्किल हो गया है।
कांग्रेस ने सिर्फ गैस संकट ही नहीं, बल्कि पेट्रोल पंपों पर भी अव्यवस्था का मुद्दा उठाया। नेताओं ने बताया कि जिले के कई पेट्रोल पंपों पर भारी भीड़ और लंबी कतारों के कारण लोगों को घंटों इंतजार करना पड़ रहा है। इससे दैनिक जीवन, व्यापार और आवागमन बुरी तरह प्रभावित हो रहा है।
जिलाध्यक्ष राजेश कुमार तिवारी ने प्रशासन पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि रसोई गैस आम आदमी की बुनियादी जरूरत है, लेकिन प्रशासन की लापरवाही के चलते हालात बद से बदतर हो गए हैं। गरीब परिवारों के घरों में चूल्हे ठंडे पड़ चुके हैं। अगर जल्द व्यवस्था नहीं सुधरी तो कांग्रेस पार्टी आम जनता के साथ सड़कों पर उतरकर बड़ा आंदोलन करेगी।
कांग्रेस कमेटी ने मांग की कि गैस सिलेंडरों की पर्याप्त आपूर्ति सुनिश्चित की जाए, कालाबाजारी करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई हो और गैस एजेंसियों व पेट्रोल पंपों पर सुचारु व्यवस्था के लिए ठोस कदम उठाए जाएं।
उपजिलाधिकारी सदर ने प्रतिनिधिमंडल को आश्वस्त किया कि समस्या का गंभीरता से संज्ञान लिया गया है और संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए जाएंगे। उन्होंने भरोसा दिलाया कि कालाबाजारी रोकने और आपूर्ति सुधारने के लिए प्रभावी कदम उठाए जाएंगे।
इस दौरान बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता और स्थानीय लोग मौजूद रहे। जिससे साफ है कि यह मुद्दा अब जनआक्रोश का रूप लेता जा रहा है। यदि हालात नहीं सुधरे तो गोरखपुर में गैस संकट को लेकर बड़ा आंदोलन देखने को मिल सकता है।