सरकारी योजना पर संकट के बादल, बाजार तैयार लेकिन नहीं जुट रहे व्यापारी; प्रधान ने मुख्यमंत्री से लगाई गुहार

उत्तर प्रदेश सरकार गांव के विकास के लाखों खर्च कर सुविधाओ से लैस हाट बाजार बनवाकर आम जनता को मूल भूत सविधाओं से लैस करना चाह रही है ,वही स्थानीय अधिकारियों के उदासीन रवैए से कुछ लोग अपनी भूमि और बगल में...

Post Published By: Suresh Prajapati
Updated : 15 June 2026, 9:41 PM IST

Gorakhpur:  जहां उत्तर प्रदेश सरकार गांव के विकास के लाखों खर्च कर सुविधाओ से लैस हाट बाजार बनवाकर आम जनता को मूल भूत सविधाओं से लैस करना चाह रही है ,वही स्थानीय अधिकारियों के उदासीन रवैए से कुछ लोग अपनी भूमि और बगल में बाजार लगवाकर सरकारी योजनाओं पानी फेर रहे है , ऐसे गांव के प्रधान ने मुख्य मुख्यमंत्री से शिकायत कर हाट बाजार को संचालित करने का गुहार लगाई है,

क्या है पूरी खबर?

सहजनवा तहसील क्षेत्र की ग्राम पंचायत मोहीदीनपुर के राजस्व ग्राम बेलौरा-चौरा में बने सरकारी हाट-पैट बाजार को लेकर विवाद गहरा गया है। ग्राम प्रधान ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पत्र भेजकर आरोप लगाया है कि कुछ लोगों द्वारा सरकारी हाट-पैट बाजार के संचालन में बाधा उत्पन्न की जा रही है, जिसके चलते पंचायत की आय प्रभावित हो रही है और सरकारी व्यवस्था पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
प्रधान के अनुसार मंडी समिति द्वारा लाखों रुपये की लागत से बेलौरा-चौरा में हाट-पैट बाजार का निर्माण कराया गया था। इसका लोकार्पण क्षेत्रीय विधायक प्रदीप शुक्ला द्वारा किया गया था। लोकार्पण के बाद यहां सब्जी एवं अन्य फुटकर दुकानों का संचालन शुरू हुआ, लेकिन बाद में बाजार का संचालन प्रभावित हो गया।

निजी भूमि पर बाजार संचालित

शिकायत में आरोप लगाया गया है कि गांव के ही श्रीप्रकाश सिंह और चंद्रप्रकाश सिंह सरकारी हाट-पैट परिसर में बाजार लगने से रोक रहे हैं तथा अपनी निजी भूमि पर बाजार संचालित करा रहे हैं। इससे न केवल सरकारी हाट-पैट का उद्देश्य प्रभावित हो रहा है, बल्कि ग्राम पंचायत को मिलने वाले राजस्व में भी कमी आ रही है।

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ग्राम प्रधान ने मुख्यमंत्री को भेजे पत्र में कहा है कि मामले की शिकायत पूर्व में कई स्तरों पर की जा चुकी है। 28 जनवरी 2025 को उपजिलाधिकारी सहजनवा, 10 फरवरी 2025 को मंडलायुक्त गोरखपुर तथा 3 मार्च 2025 को जिलाधिकारी गोरखपुर को भी प्रार्थना पत्र दिया गया था। इसके बावजूद अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं होने का आरोप लगाया गया है।

प्रधान का कहना है कि सरकारी धन से निर्मित हाट-पैट बाजार उपयोग के अभाव में अपनी उपयोगिता खो रहा है, जबकि पंचायत को मिलने वाली संभावित आय भी लगातार प्रभावित हो रही है। शिकायत के साथ पूर्व में हुई जांच और पत्राचार से संबंधित दस्तावेज भी संलग्न किए गए हैं।

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ग्राम प्रधान ने मुख्यमंत्री से मामले की निष्पक्ष जांच कराकर दोषियों के खिलाफ विधिक कार्रवाई करने तथा सरकारी हाट-पैट बाजार में नियमित रूप से बाजार संचालन सुनिश्चित कराने की मांग की है। इधर, मामला क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है और ग्रामीण प्रशासनिक हस्तक्षेप की प्रतीक्षा कर रहे हैं। यह मामला केवल सरकारी संपत्ति के उपयोग का नहीं, बल्कि पंचायत राजस्व और सरकारी योजनाओं की प्रभावशीलता से भी जुड़ा हुआ है। अब देखना होगा कि प्रशासन इस विवाद पर क्या कदम उठाता है।

Location :  गोरखपुर

Published :  15 June 2026, 9:41 PM IST