किताबों से आगे निकले बलरामपुर के बच्चे! बंद पड़े कुएं को नया जीवन देकर रचा इतिहास

पूर्व माध्यमिक विद्यालय घोसियार के बच्चों ने गांव के एक पुराने और गंदगी से भरे बंद कुएं को अपनी सूझबूझ से नया जीवन दे दिया है।

Updated : 24 October 2026, 3:53 PM IST
बलरामपुर: उत्तर प्रदेश के बलरामपुर जिले के एक छोटे से गांव से निकलकर कुछ बच्चों ने देश के पर्यावरण मानचित्र पर अपनी अमिट छाप छोड़ी है। पूर्व माध्यमिक विद्यालय घोसियार के इन प्राथमिक स्तर के छात्रों ने अपनी सूझबूझ से गांव के एक ऐसे पुराने और उपेक्षित कुएं को नया जीवन दे दिया है, जो लंबे समय से सिर्फ गंदगी और कचरा फेंकने के काम आ रहा था। बच्चों की इस अनोखी तरकीब और जल संचयन के प्रति उनकी निष्ठा को देखते हुए अब राष्ट्रीय स्तर पर आयोजित होने वाली प्रतिष्ठित आई कैन अर्थशॉट चुनौती के शीर्ष पंद्रह मॉडलों में इस परियोजना को शामिल किया गया है।
बंद पड़े कुएं की पूरी सफाई
इस गौरवशाली मुकाम को हासिल करने के बाद न सिर्फ इस पिछड़े क्षेत्र का नाम रोशन हुआ है, बल्कि पूरे प्रदेश के सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों का हौसला भी बढ़ा है। इस पूरे अभियान की शुरुआत तब हुई जब इन बच्चों ने अपने स्तर पर महसूस किया कि गांव में पानी के पुराने और पारंपरिक स्रोत लगातार दम तोड़ रहे हैं। उन्होंने हार मानने के बजाय गांव वालों को इस मुहिम से जोड़ा और सबसे पहले उस बंद पड़े कुएं की पूरी सफाई करवाई।
जमीन के भीतर जाकर
इस दौरान बच्चों ने पर्यावरण और जीव जंतुओं के प्रति अपनी संवेदनशीलता का परिचय देते हुए कुएं के भीतर मौजूद कछुओं को पूरी सुरक्षा के साथ पास की नदी में सुरक्षित छोड़ दिया। इसके बाद बच्चों ने अपनी वैज्ञानिक सोच का इस्तेमाल करते हुए बांस के टुकड़ों और लकड़ी के पट्टों की मदद से एक बेहद किफायती और खास तरह का ढक्कन तैयार किया। यह ढक्कन इस तरह काम करता है कि पानी के हल्के दबाव से अपने आप खुल और बंद हो जाता है, जिससे बारिश का साफ पानी बिना किसी मिलावट के सीधे जमीन के भीतर जाकर जमा हो सकेगा और इससे आसपास के इलाकों का भूजल स्तर भी सुधरेगा।
बच्चों के भीतर छिपी इस अद्भुत क्षमता को निखारने और उन्हें इस मुकाम तक पहुंचाने में अगस्त्य संस्था की वरिष्ठ प्रशिक्षिका मधुरसिनी सिंह और स्कूल की सहायक अध्यापिका श्रुति श्रीवास्तव का सबसे बड़ा योगदान रहा है। उनके सही मार्गदर्शन की बदौलत ही बच्चों का यह घरेलू और देसी विचार आज एक बड़े आंदोलन का रूप ले चुका है। बच्चों की यह टोली अब इस कुएं को पूरी तरह से ठीक करके आने वाले समय में इसे गांव के खेतों की सिंचाई का एक बड़ा और मुख्य जरिया बनाना चाहती है।

Location :  Balrampur

Published :  24 October 2026, 3:53 PM IST