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नाबालिक रेप पीड़िता (img: Pinterest)
Bulandshahr: उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर में 15 वर्षीय किशोरी के साथ कथित सामूहिक दुष्कर्म और उसे नहर में धकेलने का गंभीर मामला सामने आया है। आरोप है कि काम दिलाने का झांसा देकर किशोरी को अपने साथ ले जाया गया और विरोध करने पर उसके साथ दरिंदगी की गई। वारदात के बाद आरोपियों ने उसे चीती गांव के पास नहर में फेंक दिया। हालांकि, किशोरी ने हिम्मत नहीं हारी और करीब दो घंटे तक पानी में जिंदगी के लिए संघर्ष करती रही। आखिरकार ग्रामीणों और पुलिस की मदद से उसे सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया।
पुलिस के अनुसार, किशोरी के पिता और दादा-दादी की पहले ही मौत हो चुकी है। उसकी मां ने दूसरी शादी कर ली थी और राजस्थान चली गई थी। इसके बाद किशोरी अपनी ताई के पास रहने लगी। आरोप है कि ताई ने उसे घरेलू काम सीखने और कुछ दिन रहने के लिए 26 सितंबर को बुलंदशहर निवासी तारा के घर भेजा था।
बताया गया कि तारा ने किशोरी को दिल्ली में रिश्तेदारी में काम दिलाने का भरोसा दिया। इसके बाद उसे अपने पति शफीक के साथ भेज दिया गया। पुलिस के मुताबिक, शफीक और उसके साथी भूरा ने किशोरी को बाइक पर बैठाकर सुनसान रास्तों से घुमाया। आरोप है कि इसी दौरान दोनों ने उसके साथ सामूहिक दुष्कर्म किया।
पुलिस पूछताछ में सामने आए आरोपों के अनुसार, आरोपियों ने मुख्य सड़कों और हाईवे पर पुलिस की गश्त से बचने के लिए नहर की पटरियों, रजवाहों और ग्रामीण इलाकों के सुनसान रास्तों का इस्तेमाल किया। किशोरी के विरोध करने पर आरोपियों ने उसका गला दबाया। इसके बाद साक्ष्य मिटाने के इरादे से उसे चीती गांव के पास नहर में धकेल दिया।
हालांकि, किशोरी को तैरना आता था। पानी में बहने के बावजूद उसने हिम्मत नहीं छोड़ी और किनारे की ओर लटकी पेड़ की टहनी तथा झाड़ियों को पकड़ लिया। वह करीब दो घंटे तक पानी में फंसी रहकर मदद के लिए आवाज लगाती रही।
बुधवार तड़के करीब तीन बजे गांव के रहने वाले छोटे लाल पशुओं को चारा डालने के लिए उठे। इसी दौरान उन्हें नहर की ओर से किशोरी की चीखें सुनाई दीं। उन्होंने तुरंत दूसरे ग्रामीणों को इसकी जानकारी दी।
नहर के दूसरी ओर किशोरी के फंसे होने के कारण ग्रामीणों को बाइक से करीब ढाई किलोमीटर का चक्कर लगाकर वहां पहुंचना पड़ा। सूचना मिलने पर डायल 112 पुलिस भी मौके पर पहुंच गई। इसके बाद ग्रामीण नरेंद्र और अरुण रस्सी के सहारे नहर में उतरे और कड़ी मशक्कत के बाद किशोरी को बाहर निकाला। उसे उपचार और मेडिकल परीक्षण के लिए भेजा गया।
पुलिस के मुताबिक, किशोरी से सामूहिक दुष्कर्म के मामले में बुलंदशहर नगर निवासी तारा, उसके पति शफीक और साथी भूरा के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई। भूरा को पहले हिरासत में लिया गया था।
बुधवार देर रात खुर्जा देहात पुलिस ने धरपा मोड़ के पास चेकिंग के दौरान मिली सूचना के आधार पर शफीक को पकड़ने की कार्रवाई की। पुलिस के अनुसार, मुठभेड़ के बाद शफीक को गिरफ्तार कर लिया गया और उसके पैर में गोली लगी। बताया गया कि वह घटनास्थल के पास अपना मोबाइल फोन तलाशने पहुंचा था।
पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, किशोरी की मेडिकल जांच में दुष्कर्म की पुष्टि होने की बात भी सामने आई है। मामले में आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी है।
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किशोरी को नहर से सुरक्षित बाहर निकालने में मदद करने वाले डायल 112 के कमांडर और सहचालक को एसएसपी ने 2,500-2,500 रुपये का इनाम देने की घोषणा की। पुलिस के अनुसार, किशोरी के बयान न्यायालय के समक्ष दर्ज कराने की प्रक्रिया भी प्रस्तावित थी।
यह मामला उन परिस्थितियों को उजागर करता है, जिनमें भरोसे का फायदा उठाकर एक नाबालिग को कथित अपराध का शिकार बनाया गया। किशोरी के साहस और ग्रामीणों की तत्परता से उसकी जान बच सकी। मामले में आरोपों और साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
Location : Bulandshahr
Published : 9 October 2026, 11:39 AM IST