पापा, वो स्कूल गया होता तो; बदायूं में बंदर के पीछे छत पर गए इकलौते बेटे की करंट से मौत, फिर जो हुआ उसने उजाड़ दी दुनिया

कभी-कभी छोटी सी बात भी पलभर में बड़े हादसे का कारण बन जाती है। बदायूं के एक गांव में कुछ ऐसा ही हुआ। एक किशोर अपनी चप्पल वापस लेने के लिए छत पर गया था, लेकिन वहां मौजूद बिजली की लाइन उसके लिए जानलेवा साबित हुई।

Post Published By: Suresh Prajapati
Updated : 20 September 2026, 4:35 PM IST

Budaun: उत्तर प्रदेश के जनपद बदायूं के इस्लामनगर क्षेत्र में बंदर से चप्पल वापस लेने के दौरान 14 वर्षीय छात्र अंश राघव की 11 हजार वोल्ट की हाईटेंशन लाइन की चपेट में आने से दर्दनाक मौत हो गई। इकलौते बेटे की इस तरह अचानक मौत से परिवार में कोहराम मचा है, वहीं ग्रामीणों ने बिजली विभाग की लापरवाही पर गंभीर सवाल उठाए हैं।

इकलौते बेटे की मौत से परिवार में मातम

अंश अपने माता-पिता का इकलौता बेटा था। बेटे की मौत की खबर सुनकर पिता रवि राघव बदहवास हो गया। वहीं मां और बहन सोनाक्षी का रो-रोकर बुरा हाल है। घटना के बाद गांव की महिलाएं पीड़ित परिवार के घर पहुंचती रहीं और परिजनों को ढांढस बंधाती रहीं।

परिवार ने पोस्टमॉर्टम से किया इनकार

घटना की जानकारी मिलने के बाद शनिवार दोपहर इस्लामनगर पुलिस गांव पहुंची। पुलिस ने मामले में कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू करने की कोशिश की, लेकिन परिजनों ने किसी तरह की कार्रवाई से इनकार कर दिया। परिवार की ओर से पोस्टमॉर्टम कराने से भी मना कर दिया गया। इसके बाद शाम को परिजनों ने अंश का अंतिम संस्कार कर दिया।

हादसे के बाद बड़ी संख्या में ग्रामीण परिवार के घर पहुंच गए। गांव में लोग घटना को लेकर चर्चा करते नजर आए। ग्रामीणों का कहना था कि अंश उस दिन स्कूल जाने के लिए घर से निकला था, लेकिन किसी वजह से रास्ते से वापस लौट आया था। अगर वह स्कूल चला जाता तो शायद यह हादसा नहीं होता।

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घरों के बेहद करीब से गुजर रही हाईटेंशन लाइन

ग्रामीणों के मुताबिक फिरोजपुर गवराह गांव में कई जगह हाईटेंशन बिजली के तार मकानों की छतों और छज्जों के बेहद करीब से गुजर रहे हैं। कुछ स्थानों पर तार काफी नीचे तक झूल रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि इस समस्या को लेकर कई बार बिजली विभाग से शिकायत की गई, लेकिन अब तक लाइन को सुरक्षित स्थान पर शिफ्ट नहीं किया गया।

ग्रामीण जाकिर के अनुसार गांव में रुदायन फीडर से बिजली की आपूर्ति होती है और हाईटेंशन लाइन कई गलियों के बीच से गुजरती है। कई स्थानों पर तार मकानों की छतों के पास तक पहुंच गए हैं।

कई बार हादसों की शिकायत

ग्रामीणों का आरोप है कि हाईटेंशन लाइन को लेकर पहले भी शिकायतें सामने आती रही हैं। कई बार तारों में करंट उतरने से बंदरों और पशुओं की मौत होने की बात भी सामने आई है। ग्रामीण राजेंद्र सिंह ने बताया कि करीब चार साल पहले गांव में बिजली के खंभे लगाए गए थे, लेकिन बिजली की लाइन को सुरक्षित तरीके से व्यवस्थित नहीं किया गया। ग्रामीणों का कहना है कि शिकायत के बाद कर्मचारी मौके पर आते हैं, लेकिन स्थायी समाधान नहीं हो पाता।

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अनुमति नहीं मिलने से नहीं हट सकी लाइन

बिसौली के एक्सईएन नरेंद्र चौधरी ने बताया कि उनके क्षेत्र में करीब 80 गांव ऐसे हैं, जहां हाईटेंशन लाइन गुजर रही है। उन्होंने कहा कि कई बार लाइनों को दूसरी जगह शिफ्ट करने के लिए वित्तीय अनुमति मांगी गई, लेकिन अनुमति नहीं मिलने के कारण काम नहीं हो सका।

अंश की मौत ने एक बार फिर गांव में गुजर रही हाईटेंशन लाइन की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। हादसे के बाद ग्रामीणों की मांग है कि मकानों और छतों के करीब से गुजर रहे बिजली के तारों को सुरक्षित दूरी पर किया जाए, ताकि भविष्य में इस तरह की घटना दोबारा न हो।

Location :  Budaun

Published :  20 September 2026, 4:35 PM IST