
घायल युवक
महराजगंज: फरेंदा क्षेत्र में एक युवक पर बर्बरता के मामले ने अब गंभीर मोड़ ले लिया है। इस प्रकरण में पुलिस की भूमिका पर सवाल खड़े हो गए हैं। पीड़ित पक्ष का आरोप है कि पुलिस ने जानबूझकर उनकी दी गई तहरीर में फेरबदल कर सत्ता पक्ष से जुड़े एक नेता का नाम हटा दिया और मुकदमा सिर्फ पांच अन्य लोगों के खिलाफ दर्ज कर लिया।
डाइनामाइट न्यूज़ संवाददाता के अनुसार घटना बीते दिनों उस समय सामने आई जब सोशल मीडिया पर एक पोस्ट के बाद युवक को कुछ दबंगों ने अगवा कर लिया और उसे जंगल में ले जाकर जानलेवा हमला किया। पीड़ित को बुरी तरह से पीटा गया और मानसिक रूप से प्रताड़ित किया गया। युवक की हालत गंभीर बताई जा रही है।
युवक की तहरीर
एफआईआर में पांच आरोपी शामिल
पुलिस ने एफआईआर में सिर्फ पांच लोगों पीयूष चौरसिया, सुधीर यादव, लवकुश, रामू और आकाश को नामजद किया है। इनके खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 191(2), 115(2), 352 और 351(3) के तहत मामला दर्ज किया गया है। परिजनों का आरोप है कि पुलिस ने सत्ता पक्ष के दबाव में नेता का नाम एफआईआर से हटा दिया।
परिजनों ने जताया रोष
पीड़ित के परिजनों ने कहा, “हमने जो तहरीर दी थी, उसमें सत्ता पक्ष के नेता का नाम स्पष्ट रूप से लिखा था, लेकिन पुलिस ने मनमानी करते हुए उसे हटा दिया। यह हमारे साथ अन्याय है। आरोपी खुलेआम घूम रहे हैं और हमें धमकाया जा रहा है।
Location : Maharajganj
Published : 12 June 2025, 8:26 PM IST