Banda Crime: बांदा में पैसा डबल करने का मायाजाल, पुलिस ने किए चौंकाने वाले खुलासे

बांदा पुलिस ने 'ऑपरेशन त्रिनेत्र' और सीसीटीवी की मदद से पैसा दोगुना करने का लालच देकर टप्पेबाजी करने वाले संगठित गिरोह के 3 शातिर सदस्यों को गिरफ्तार किया है। इनके पास से नकदी और बाइक बरामद हुई है, जबकि बैंक खातों में जमा 2.84 लाख रुपये फ्रीज कर दिए गए हैं।

Post Published By: Poonam Rajput
Updated : 10 June 2026, 5:19 PM IST
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Banda: बांदा जनपद में अपराध और अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत बबेरू थाना पुलिस को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। पुलिस अधीक्षक पलाश बंसल के कुशल निर्देशन, अपर पुलिस अधीक्षक शिवराज के पर्यवेक्षण और क्षेत्राधिकारी बबेरू कृष्ण कांत त्रिपाठी के नेतृत्व में पुलिस टीम ने चोरी और टप्पेबाजी (झांसा देकर ठगी) करने वाले एक संगठित गिरोह के 03 शातिर सदस्यों को गिरफ्तार किया है।

'ऑपरेशन त्रिनेत्र' से खुला ठगी का यह जाल

इस गिरोह का पर्दाफाश करने में पुलिस ने आधुनिक तकनीक का सहारा लिया। दरअसल, कौहारा निवासी रामचंद्र और बबेरू के विनय प्रताप ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी कि औरन रोड पर उनसे नकदी की चोरी हुई और बाइक सवार बदमाशों ने पैसा दोगुना करने का लालच देकर ठगी की। इसके बाद पुलिस ने 'ऑपरेशन त्रिनेत्र' के तहत क्षेत्र में लगे सीसीटीवी कैमरों और वैज्ञानिक साक्ष्यों को खंगाला। 7 जून 2026 की रात चेकिंग के दौरान ओरन रोड पर संदिग्ध अवस्था में खड़े तीनों अभियुक्तों को घेराबंदी कर दबोच लिया गया।

पैसा डबल करने का लालच और ठगी का अनोखा तरीका

पकड़े गए अभियुक्तों की पहचान कैलाश, राजकुमार और अनुराग (सभी निवासी ओझा नगर, कमासिन) के रूप में हुई है। पूछताछ में उन्होंने कबूला कि वे एक सुनियोजित गिरोह चलाकर लोगों को अपना शिकार बनाते थे। गिरोह का एक सदस्य बहुत ही सीधा और भला इंसान बनकर पीड़ित का विश्वास जीतता था, जबकि अन्य सदस्य पैसा दोगुना करने जैसी भ्रामक योजनाओं का लालच देकर रकम उड़ा लेते थे। पकड़े गए अभियुक्त अनुराग ने बताया कि उसने अपराध की काली कमाई से ही किश्तों पर बिना नंबर प्लेट वाली मोटरसाइकिल खरीदी थी।

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नकदी बरामद, बैंक खाते किए गए फ्रीज

पुलिस ने अभियुक्तों के कब्जे से घटना में प्रयुक्त बिना नंबर की मोटरसाइकिल और 14,100 रुपये नकद बरामद किए हैं। इसके साथ ही, पुलिस ने प्रभावी कार्रवाई करते हुए ठगी की कमाई से अभियुक्तों के बैंक खातों में जमा की गई 2.84 लाख रुपये की अवैध धनराशि को चिन्हित कर फ्रीज करवा दिया है।

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मुख्य आरोपी कैलाश का लंबा आपराधिक इतिहास

पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार अभियुक्तों में शामिल कैलाश पुत्र छंगू एक बेहद शातिर और आदतन अपराधी है। उसके खिलाफ बांदा के कमासिन और अतर्रा थानों में आर्म्स एक्ट, चोरी, लूट और आबकारी अधिनियम जैसे एक दर्जन से भी अधिक (कुल 13) गंभीर मामले दर्ज हैं। इस गिरोह पर बबेरू, अतर्रा और मरका थानों में नए मुकदमे भी पंजीकृत किए गए हैं। इस शानदार कामयाबी को अंजाम देने वाली टीम में प्रभारी निरीक्षक राजेंद्र सिंह राजावत, चौकी प्रभारी अरविंद कुमार सिंह, मनीष कुमार शर्मा और अन्य पुलिसकर्मी शामिल रहे।

Location :  Banda

Published :  10 June 2026, 5:19 PM IST

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