
बांदा में दरिंदगी की इंतिहा (Image Source: Google)
Banda: यह सनसनीखेज मामला अक्टूबर 2020 में सीबीआई की प्राथमिकी के बाद उजागर हुआ। जांच एजेंसी को सूचना मिली थी कि सिंचाई विभाग का निलंबित जूनियर इंजीनियर रामभवन और उसकी पत्नी दुर्गावती कई जिलों के बच्चों का यौन शोषण कर रहे हैं। नवंबर 2020 में दोनों को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया। जांच में बांदा, चित्रकूट, हमीरपुर और आसपास के क्षेत्रों से जुड़े कई पीड़ितों का पता चला। जांच अधिकारियों के अनुसार, आरोपी बच्चों को बहला-फुसलाकर उनके साथ दुष्कर्म करते थे और पूरे घटनाक्रम की फोटो-वीडियो बनाते थे। बाद में इन्हें इंटरनेट पर अपलोड और साझा किया जाता था।
मामले की सबसे अहम कड़ी एक पेन ड्राइव साबित हुई, जिसमें 34 वीडियो और 679 आपत्तिजनक तस्वीरें मिलीं। इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों ने आरोपियों के नेटवर्क और अपराध के तरीके को उजागर कर दिया। जांच में सामने आया कि आरोपी डार्क वेब, सोशल साइट्स और वीडियो प्लेटफॉर्म के जरिए यह सामग्री बेचते थे। तीन मोबाइल नंबर और कई ई-मेल आईडी का इस्तेमाल कर बाल यौन शोषण से जुड़ा कंटेंट प्रसारित किया जाता था। सीबीआई ने डिजिटल फॉरेंसिक जांच के आधार पर चार्जशीट दाखिल की। अदालत में 25 पीड़ित बच्चों सहित कुल 74 गवाह पेश किए गए, जिनकी गवाही ने अभियोजन पक्ष को मजबूत आधार दिया।
विशेष पॉक्सो न्यायाधीश प्रदीप कुमार मिश्रा ने 163 पृष्ठों के फैसले में अपराध को अत्यंत जघन्य और मानवता के खिलाफ बताया। अदालत ने कहा कि ऐसे मामलों में कठोरतम दंड ही न्याय के अनुरूप है। रामभवन और दुर्गावती को फांसी की सजा सुनाई गई। साथ ही अलग-अलग धाराओं में उन पर आर्थिक दंड भी लगाया गया। अदालत ने आदेश दिया कि जुर्माने की राशि और जब्त धन से प्रत्येक पीड़ित बच्चे को 10-10 लाख रुपये की क्षतिपूर्ति दी जाए।
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दुर्गावती को पहले उच्च न्यायालय से जमानत मिल गई थी, लेकिन दोषी पाए जाने के बाद 18 फरवरी 2026 को उसे फिर जेल भेज दिया गया। फैसले के दिन दोनों आरोपियों को अदालत में पेश कर सजा सुनाई गई और जेल भेज दिया गया। मामले के तीसरे आरोपी, जिस पर ई-मेल के माध्यम से सामग्री साझा करने का आरोप है, की फाइल अलग कर दी गई है और वह फिलहाल जमानत पर है।
अदालत के फैसले को बाल सुरक्षा कानूनों के तहत एक महत्वपूर्ण निर्णय माना जा रहा है, जिसमें डिजिटल साक्ष्यों की भूमिका और पीड़ितों के पुनर्वास पर विशेष जोर दिया गया।
Location : Banda
Published : 21 February 2026, 6:06 AM IST
Topics : Banda Crime Banda Police Court Sentenced To Death POSCO ACT sexual exploitation of children