
कन्नौज में जर्जर स्कूलों पर एक्शन (इमेज सोर्स- डाइनामाइट न्यूज़)
Balrampur: शिक्षा का मंदिर बच्चों के लिए सुरक्षित और मजबूत होना चाहिए, लेकिन श्रीदत्तगंज क्षेत्र में कई स्कूल भवन मासूमों की सुरक्षा के लिए चुनौती बने हुए थे। लंबे समय से जर्जर हाल में खड़े इन ढांचों को लेकर प्रशासन ने अब एक बड़ा फैसला लिया है। जांच और मीडिया रिपोर्टों के दबाव के बाद, क्षेत्र के 16 ऐसे विद्यालय भवनों को पुननिर्माण करने की मंजूरी दे दी गई है जो अब मरम्मत के लायक नहीं बचे थे।
इस पूरे मामले की गंभीरता को देखते हुए बेसिक शिक्षा अधिकारी शुभम शुक्ला ने एक विस्तृत जांच के आदेश दिए थे। खंड शिक्षा अधिकारी रमेश चंद्र मौर्य की देखरेख में तैयार की गई रिपोर्ट में महुआधर, बनई, पुरैना वाजिद, गिद्दौर और पिपरा रामचंद्र जैसे कई प्राथमिक स्कूलों की स्थिति को 'बेहद खतरनाक' श्रेणी में रखा गया। दीवारों में पड़ी बड़ी दरारें और छत से गिरते प्लास्टर के कारण इन स्कूलों में बैठना किसी खतरे से खाली नहीं था।
कार्रवाई की इस सूची में गुलवरिया, बगहिया, गुमड़ी और छपिया के स्कूलों के साथ-साथ महुआ इब्राहिम, पुरैना कानूनगो, कन्या बायभीट और पचौथा के कंपोजिट विद्यालय भी शामिल हैं। साथ ही, चमरूपुर और महदेइया मोड़ के उच्च प्राथमिक विद्यालयों पर भी अब बुलडोजर चलेगा।
अभिभावकों के मन में उठ रहे बच्चों की पढ़ाई के सवाल पर प्रशासन ने भरोसा दिलाया है कि किसी भी छात्र का भविष्य बाधित नहीं होगा। जहाँ भी स्कूल गिराए जा रहे हैं, वहां बच्चों की क्लास चलाने के लिए तुरंत वैकल्पिक इंतजाम किए जा रहे हैं। इस कदम का उद्देश्य केवल पुरानी इमारतों को हटाना नहीं, बल्कि नौनिहालों को एक सुरक्षित शैक्षणिक वातावरण प्रदान करना है।
Location : Balrampur
Published : 13 May 2026, 1:12 PM IST
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