
बलरामपुर में राप्ती नदी से निकला मां और अजन्मे बच्चे का शव (सोर्स- डाइनामाइट न्यूज़)
Balrampur: उत्तर प्रदेश के बलरामपुर जिले से एक ऐसा रोंगटे खड़े कर देने वाला मामला सामने आया है, जिसने इंसानियत को शर्मसार कर दिया है। जिले के श्रीदत्तगंज इलाके में राप्ती नदी की उफनती लहरें शुक्रवार को महज एक लाश नहीं, बल्कि लालच और हैवानियत का वो खौफनाक सच लेकर किनारे आईं जिसे देखकर पूरे इलाके के लोग दहल उठे। सिरिया गांव के पास नदी में तैरता हुआ जो शव मिला, वह कांदभारी गांव की रहने वाली 24 वर्षीय मंजीता वर्मा का था।
सबसे ज्यादा दिल दहला देने वाली बात यह थी कि मंजीता अकेली नहीं मरी, बल्कि उसके गर्भ में पल रहा सात महीने का मासूम भी इस दुनिया को देखने से पहले ही काल के गाल में समा गया। पानी से बाहर निकले मां और उसके अजन्मे बच्चे के शव को देखकर मौके पर मौजूद हर शख्स की आंखें नम हो गईं और ग्रामीणों में भारी आक्रोश फैल गया।
इस रूह कपा देने वाली वारदात की पूरी स्क्रिप्ट महज चंद रुपयों और एक बुलेट मोटरसाइकिल की चाहत में लिखी गई थी। मंजीता के बेबस पिता राम अभिलाख ने अपनी लाडली की शादी बड़े ही अरमानों और उम्मीदों के साथ राकेश वर्मा नाम के युवक से तय की थी। पिता को जरा भी अंदाजा नहीं था कि जिन्हें वह अपनी बेटी का रक्षक समझ रहे हैं, वे असल में कसाई निकलेंगे। शादी के कुछ समय बाद ही पति, सास और ननद मिलकर मंजीता को एक सोने की चेन, अंगूठी और बुलेट गाड़ी के लिए प्रताड़ित करने लगे। दहेज की इस नाजायज मांग को लेकर मंजीता को हर दिन मानसिक और शारीरिक रूप से इस कदर तोड़ा जाने लगा कि उसका जीना मुहाल हो गया।
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मौत के मुहाने पर खड़ी मंजीता को शायद अपनी भयानक किस्मत का पहले ही आभास हो चुका था। बीते 9 जून की रात को उसने बेहद डरी और कांपती हुई आवाज में अपने मायके फोन किया था। मंजीता ने रोते हुए अपने परिवार से कहा था कि अगर ससुराल वालों की दहेज की मांग जल्द पूरी नहीं हुई, तो वे उसके साथ कोई बहुत बड़ी अनहोनी कर सकते हैं। इस बातचीत के ठीक बाद मंजीता का फोन हमेशा के लिए बंद हो गया।
घबराए हुए मायके वाले जब अगली सुबह उसकी ससुराल पहुंचे, तो वहां अजीब सा सन्नाटा पसरा हुआ था और घर के किसी भी सदस्य ने सीधा जवाब नहीं दिया। इसके बाद तीन दिनों तक चली अंतहीन तलाश तब खत्म हुई जब नदी में मंजीता का शव मिलने की मनहूस खबर आई। बेबस पिता का सीधा आरोप है कि दहेज की भूख मिटाने के लिए उनकी बेटी को बेरहमी से मारकर नदी में फेंका गया है।
इस दर्दनाक दोहरे हत्याकांड के बाद से इलाके के ग्रामीणों का गुस्सा सातवें आसमान पर है। हर कोई इस घिनौने अपराध के दोषियों को सीधे फांसी के फंदे तक पहुंचाने की मांग कर रहा है। मामले की संवेदनशीलता और जनता के गुस्से को देखते हुए पुलिस प्रशासन भी तुरंत एक्शन में आ गया है।
श्रीदत्तगंज के प्रभारी निरीक्षक संतोष कुमार मिश्रा ने बताया कि पीड़ित पिता राम अभिलाख की तहरीर के आधार पर ससुराल पक्ष के खिलाफ दहेज हत्या का संगीन मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। मां और बच्चे के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। पुलिस की विशेष टीमें हर मुमकिन पहलू से कड़ियां जोड़ने में जुट गई हैं, ताकि दो जिंदगियों के कातिलों को जल्द से जल्द कानून के शिकंजे में कसकर सलाखों के पीछे भेजा जा सके।
Location : Balrampur
Published : 13 June 2026, 10:57 AM IST