Ballia Accident: बंदर से बचने के लिए भागी महिला और फिर… पढे़ं पूरी खबर

बलिया के मानिक छपरा मिर्जापुर गांव में बंदरों के आतंक ने एक महिला की जान ले ली। कपड़े सुखाने छत पर गई महिला को बंदर ने दौड़ा लिया, जिससे वह नीचे गिर गईं। गंभीर हालत में वाराणसी ट्रामा सेंटर में इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। घटना के बाद गांव में मातम और प्रशासन के खिलाफ नाराजगी है।

Post Published By: Bobby Raj
Updated : 14 May 2026, 4:55 PM IST

Ballia: उत्तर प्रदेश में बलिया जिले के बैरिया थाना क्षेत्र स्थित मानिक छपरा मिर्जापुर गांव में दर्दनाक हादसे ने पूरे इलाके को झकझोर दिया। गांव निवासी गायत्री देवी (55) पत्नी स्वर्गीय रामबली वर्मा गत दिवस रोज की तरह घर के कपड़े धोकर छत पर सुखाने गई थीं। बताया जा रहा है कि छत पर पहले से एक बंदर मौजूद था।

जैसे ही गायत्री देवी छत पर पहुंचीं, बंदर अचानक उनकी ओर दौड़ पड़ा। बंदर से बचने के प्रयास में वह घबरा गईं और संतुलन खो बैठीं। इसी दौरान वह छत से नीचे गिर गईं। गिरने की आवाज सुनकर परिवार और आसपास के लोग मौके पर पहुंचे तो उन्हें गंभीर हालत में पाया।

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घटना के बाद गांव में अफरा-तफरी मच गई। परिजन तुरंत उन्हें इलाज के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सोनबरसा लेकर पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार के बाद हालत गंभीर देखते हुए सदर अस्पताल रेफर कर दिया।

वाराणसी में इलाज के दौरान हुई मौत

सदर अस्पताल में भी महिला की हालत में सुधार नहीं हुआ, जिसके बाद चिकित्सकों ने उन्हें वाराणसी ट्रामा सेंटर भेज दिया। वहां कई दिनों तक उनका इलाज चला, लेकिन गुरुवार को उन्होंने दम तोड़ दिया। महिला का शव गांव पहुंचते ही परिवार में चीख-पुकार मच गई। गांव के लोगों की आंखें नम हो गईं। गंगा तट पर उनका अंतिम संस्कार किया गया। हादसे के बाद पूरे गांव में शोक का माहौल बना हुआ है।

बताया जा रहा है कि गायत्री देवी का परिवार बेहद गरीब है। उनकी दो बड़ी बेटियों की शादी हो चुकी है, जबकि तीन छोटे बच्चे अब मां के निधन के बाद बेसहारा हो गए हैं। परिवार की आर्थिक स्थिति पहले से ही कमजोर थी और अब इस हादसे ने उनकी मुश्किलें और बढ़ा दी हैं।

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बंदरों के आतंक से ग्रामीणों में गुस्सा

ग्रामीणों का कहना है कि गांव में बंदरों का आतंक लंबे समय से बढ़ता जा रहा है। कई बार बंदर लोगों पर हमला कर चुके हैं और बच्चों व बुजुर्गों में डर का माहौल बना रहता है।

ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि वन विभाग और तहसील प्रशासन से कई बार शिकायत की गई, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। लोगों का कहना है कि यदि समय रहते बंदरों को पकड़ने की व्यवस्था की गई होती तो शायद यह हादसा टाला जा सकता था।

घटना के बाद गांव के लोगों में प्रशासन के प्रति नाराजगी बढ़ गई है। ग्रामीणों ने बंदरों के आतंक से जल्द निजात दिलाने की मांग करते हुए कहा कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो भविष्य में और बड़े हादसे हो सकते हैं।

Location :  Ballia

Published :  14 May 2026, 4:39 PM IST