
बागपत कोर्ट (Img : Google)
Baghpat : न्याय की अदालत में एक ऐसा फैसला सामने आया है जिसने पूरे मामले को नया मोड़ दे दिया है। नाबालिग को बहला-फुसलाकर ले जाने के गंभीर आरोप में लंबे समय से चल रहे केस में अब अदालत ने आरोपी युवक को दोषी करार देते हुए सजा सुना दी है। मामला भले ही शादी और बदलते बयानों के कारण उलझा रहा हो, लेकिन अदालत ने सबूतों के आधार पर सख्त रुख अपनाया है।
पूरा मामला वर्ष 2020 का है। जब दोघट थाने में एक व्यक्ति ने शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में कहा गया था कि पड़ोसी युवक उसकी नाबालिग बेटी को बहला-फुसलाकर अपने साथ ले गया है। इसके बाद पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए केस दर्ज किया और किशोरी की तलाश शुरू की।
पुलिस पूछताछ में पीड़िता ने उस समय गंभीर आरोप लगाए थे। उसने बताया था कि आरोपी उसे जबरन कार में ले गया और नशीला पदार्थ देकर उसके साथ दुष्कर्म किया गया। साथ ही धमकी देने के भी आरोप लगाए गए थे। इन बयानों के आधार पर पुलिस ने दुष्कर्म और पॉक्सो एक्ट की धाराएं जोड़कर आरोपी को जेल भेज दिया था।
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करीब छह महीने जेल में रहने के बाद आरोपी को जमानत मिल गई। समय बीतने के साथ पीड़िता बालिग हो गई और बाद में दोनों की शादी भी हो गई। इसके बाद कोर्ट में सुनवाई के दौरान पीड़िता ने अपने पहले दिए गए बयान से पलटते हुए कहा कि वह अपनी मर्जी से गई थी और कोई दुष्कर्म नहीं हुआ था।
हालांकि बयान बदलने और शादी के बावजूद अपर जिला एवं सत्र न्यायालय विशेष पॉक्सो एक्ट के न्यायाधीश संजीव कुमार सिंह ने मामले के तथ्यों और शुरुआती सबूतों को आधार मानते हुए आरोपी को दोषी करार दिया।
अदालत ने अपहरण के मामले में उसे जिम्मेदार मानते हुए 8 महीने की सजा और दो हजार रुपये अर्थदंड लगाया है। अर्थदंड न देने पर 15 दिन की अतिरिक्त सजा का प्रावधान रखा गया है। कोर्ट ने यह भी निर्देश दिया कि पहले जेल में बिताई गई अवधि को सजा में समायोजित किया जाए और आदेश के बाद आरोपी को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।
Location : Baghpat
Published : 20 May 2026, 9:29 PM IST