सहारनपुर में आरक्षण के समर्थन में उतरी आजाद समाज पार्टी: सचिन खुराना की हुंकार, मांगें न मानीं तो भारत बंद

Azad Samaj Party Protest: सहारनपुर में आरक्षण के समर्थन में आजाद समाज पार्टी और भीम आर्मी का उग्र प्रदर्शन। जिलाध्यक्ष सचिन खुराना ने अफसरों को दी चेतावनी और मांगें न मानने पर भारत बंद की दी बड़ी धमकी। जानिए पूरी खबर।

Post Published By: Suresh Prajapati
Updated : 24 September 2026, 4:02 PM IST

Saharanpur: आजाद समाज पार्टी (काशीराम) और भीम आर्मी के कार्यकर्ताओं ने राष्ट्रीय अध्यक्ष चंद्रशेखर आजाद के आह्वान पर सहारनपुर जिला मुख्यालय पर आरक्षण के समर्थन में जोरदार शक्ति प्रदर्शन किया। रामलीला मैदान में एकत्र होकर हजारों कार्यकर्ताओं ने जुलूस निकाला और नारेबाजी करते हुए जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचे।

एससी, एसटी, ओबीसी (SC/ST/OBC) और महिलाओं के संवैधानिक अधिकारों तथा खाली पड़े बैकलॉग पदों को तुरंत भरने की मांग को लेकर 24 सूत्रीय मांगों का ज्ञापन राष्ट्रपति के नाम सौंपा गया।

अफसरों के रवैये पर भड़के जिलाध्यक्ष सचिन खुराना: '2027 में बदलेगी सत्ता, विचारधारा बदलें अधिकारी'

प्रदर्शन के दौरान घंटों तक कोई सक्षम अधिकारी ज्ञापन लेने नहीं पहुंचा, जिससे पार्टी कार्यकर्ताओं का आक्रोश भड़क उठा। जिलाध्यक्ष सचिन खुराना ने प्रशासनिक ढुलमुल रवैये पर कड़ा प्रहार करते हुए कहा कि सरकार के इशारे पर मानवतावादी विचारधारा के लोगों के साथ सौतेला व्यवहार किया जा रहा है।

घंटों चला आजाद समाज पार्टी का धरना (Img- Dynamite News)

उन्होंने अफसरों को चेतावनी देते हुए कहा कि वर्ष 2027 में उत्तर प्रदेश में सत्ता बदलेगी और आजाद समाज पार्टी की सरकार बनेगी। अधिकारियों को इसी प्रदेश में काम करना है, इसलिए उन्हें अपनी मानसिकता और कार्यशैली में तुरंत बदलाव लाना चाहिए।

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संविधान और आरक्षण पर हमले का आरोप: मांगें न मानने पर 'भारत बंद' की बड़ी चेतावनी

सचिन खुराना ने सत्तारूढ़ पार्टी पर सीधा हमला बोलते हुए कहा कि भाजपा के कई नेता संविधान और आरक्षण को समाप्त करने की बातें खुलकर कह रहे हैं, जिसे बहुजन समाज किसी भी कीमत पर सहन नहीं करेगा।

सहारनपुर में जमकर हंगामा (Img- Dynamite News)

उन्होंने साफ किया कि यदि उनकी 24 सूत्री मांगों पर संज्ञान नहीं लिया गया और आरक्षण पर बार-बार उठने वाली आवाजों को बंद नहीं कराया गया, तो पार्टी हाईकमान के निर्देश पर पूरे देश में व्यापक स्तर पर 'भारत बंद' का आंदोलन छेड़ा जाएगा।

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आजाद समाज पार्टी की प्रमुख मांगें और भावी रणनीति

धरने के दौरान वक्ताओं ने स्पष्ट किया कि आरक्षण बहुजन समाज का संवैधानिक हक है, कोई भीख नहीं। जब तक शोषितों, वंचितों को सरकारी नौकरियों और शैक्षणिक संस्थानों में समान अवसर नहीं मिलते, तब तक यह लड़ाई थमने वाली नहीं है।

कार्यकर्ताओं ने कलेक्ट्रेट परिसर में घंटों बैठकर अपनी मांगों के पक्ष में आवाज उठाई और राष्ट्रपति से दखल देकर आरक्षण व संविधान की रक्षा करने की गुहार लगाई।

Location :  Saharanpur

Published :  24 September 2026, 4:02 PM IST