Auraiya: फफूंद गौशाला में भूख और भ्रष्टाचार का तांडव, जानिये पूरा मामला

फफूंद नगर पंचायत की सरकारी गौशाला भ्रष्टाचार और प्रशासनिक उदासीनता के चलते ‘कत्लगाह’ में तब्दील हो गई है। पक्के तालाब के पास स्थित इस गौशाला में गोवंश तड़प-तड़प कर मरने को मजबूर हैं।

Post Published By: Poonam Rajput
Updated : 13 February 2026, 9:02 PM IST

Auraiya: फफूंद नगर पंचायत की सरकारी गौशाला भ्रष्टाचार और प्रशासनिक उदासीनता के चलते ‘कत्लगाह’ में तब्दील हो गई है। पक्के तालाब के पास स्थित इस गौशाला में गोवंश तड़प-तड़प कर मरने को मजबूर हैं। स्थानीय निवासियों और प्रत्यक्षदर्शियों ने आरोप लगाया है कि नगर पंचायत अध्यक्ष अनवर कुरैशी और अधिशासी अधिकारी विनय कुमार पाण्डेय की मिलीभगत से सरकारी धन का दुरुपयोग किया जा रहा है।

चारे और दवाओं का अभाव

सूत्रों के मुताबिक गौशाला में कागजों पर भारी खर्च दिखाया जा रहा है, लेकिन हकीकत में चारा और दवाइयाँ पर्याप्त नहीं हैं। पशुओं की उभरी पसलियां और बीमार हालत वास्तविक स्थिति का बखूबी संकेत दे रही हैं। अधिकारियों की अनदेखी के कारण चार गोवंश अत्यंत खराब स्थिति में पाए गए, जिनमें से दो मृतक पाए गए।

गौरक्षकों का दौरा और कार्रवाई

गौरक्षा दल की टीम, जिसमें अभिषेक दुबे, सौरभ बाबू, डॉ. अभिषेक कुशवाहा, अनुराग धनगर शामिल थे, मौके पर पहुंची। उन्होंने देखा कि दो गोवंश जीवित थे जबकि दो की मौत हो चुकी थी। गौरक्षकों ने मृत गोवंशों का विधिवत अंतिम संस्कार किया।

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प्रशासन का बयान

अधिशासी अधिकारी विनय कुमार पाण्डेय ने दावा किया कि वायरल वीडियो में दिखाई गई दोनों गोवंश जीवित हैं और कोई मृतक नहीं है। उन्होंने कहा कि मामले की आंतरिक जांच कराई जा रही है।

गौरक्षकों का कहना

गौरक्षा दल के अध्यक्ष अभिषेक दुबे ने बताया कि मौके पर जाकर दो गोवंश अचेत अवस्था में पाए गए और दो मृतक थे। दल ने विधिविधानुसार उनका गढ़ा खुदवाकर अंतिम संस्कार किया। उनके पास इस पूरी घटना का वीडियो भी मौजूद है। गौरक्षकों ने चेतावनी दी है कि यदि नगर पंचायत अध्यक्ष और ईओ के खिलाफ तुरंत कार्रवाई नहीं हुई, तो वे कड़े कदम उठाएंगे।

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स्थानीय प्रतिक्रिया और चिंता

वीडियो में चार गोवंश स्पष्ट रूप से दिखाई दिए थे, लेकिन ईओ शाहब ने केवल दो गोवंश का उल्लेख किया और बाकी की अनदेखी कर दी। इससे नगर पंचायत की घोर उदासीनता और प्रशासनिक संवेदनहीनता उजागर हुई है। ग्रामीण और स्थानीय नागरिक अब इस मामले में जवाबदेही और कड़ी कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।

यह घटना न केवल प्रशासन की गंभीर लापरवाही को उजागर करती है, बल्कि गौशाला में रहते बेजुबान गोवंश की सुरक्षा और देखभाल के महत्व पर भी सवाल खड़ा करती है।

Location : 
  • Auraiya

Published : 
  • 13 February 2026, 9:02 PM IST