योगी पर ‘मूर्खमंत्री’ टिप्पणी पर इलाहाबाद हाईकोर्ट का बड़ा फैसला, यूपी सरकार से जवाब तलब

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने भीम आर्मी नेता सुधीर आर्यन को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर सोशल मीडिया पोस्ट में की गई कथित आपत्तिजनक टिप्पणी के मामले में गिरफ्तारी से अंतरिम राहत दी है। आरोपी पर आरोप है कि उन्होंने X (पूर्व ट्विटर) पर मुख्यमंत्री को “मूर्खमंत्री” कहकर पोस्ट किया। अदालत ने मामले की सुनवाई करते हुए फिलहाल गिरफ्तारी पर रोक लगा दी है।

Post Published By: Nitin Parashar
Updated : 23 May 2026, 8:34 PM IST

Prayagraj : इलाहाबाद हाईकोर्ट ने भीम आर्मी भारत एकता मिशन के नेता सुधीर आर्यन को गिरफ्तारी से अंतरिम राहत प्रदान की है। यह मामला उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को सोशल मीडिया पर “मूर्खमंत्री” कहने के आरोप से जुड़ा है। इस टिप्पणी को लेकर उत्तर प्रदेश पुलिस ने एफआईआर दर्ज की थी।

आरोप और एफआईआर का आधार

एफआईआर के अनुसार, आरोपी सुधीर आर्यन भीम आर्मी भारत एकता मिशन के बरेली मंडल उपाध्यक्ष हैं। उन पर आरोप है कि उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ (पूर्व ट्विटर) पर पोस्ट किया:
“माननीय योगी आदित्यनाथ जी मुख्यमंत्री हैं या मूर्खमंत्री हैं?”

यह टिप्पणी मुख्यमंत्री के उस बयान के संदर्भ में बताई गई है जिसमें उन्होंने लोगों को केवल जरूरत पड़ने पर ही डीजल और पेट्रोल खरीदने की सलाह दी थी।

लखनऊ DM और ADM को झटका : इलाहाबाद हाईकोर्ट ने लगाई फटकार, इस कार्रवाई को बताया गलत

लागू धाराएं और कानूनी स्थिति

पुलिस ने इस मामले में भारतीय न्याय संहिता की धारा 353(2) के तहत केस दर्ज किया है। यह धारा सार्वजनिक उपद्रव या समाज में तनाव फैलाने वाले बयानों से संबंधित मानी जाती है। पुलिस का दावा है कि यह पोस्ट संज्ञेय अपराध की श्रेणी में आता है।

हाईकोर्ट में याचिकाकर्ता की दलील

याचिकाकर्ता की ओर से अदालत में एफआईआर रद्द करने की मांग की गई। वकील ने दलील दी कि पोस्ट को शब्दशः देखने पर भी इसमें मुख्यमंत्री के चरित्र पर कोई सीधा आरोप नहीं है। इसे केवल व्यंग्यात्मक टिप्पणी बताया गया और कहा गया कि यह अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के दायरे में आता है।

राज्य सरकार का पक्ष

राज्य सरकार के वकील ने याचिका का विरोध करते हुए कहा कि यह गंभीर प्रकृति का मामला है और इससे समाज में गलत संदेश जा सकता है। हालांकि, वे अदालत में याचिकाकर्ता के कानूनी तर्कों को पूरी तरह खारिज नहीं कर सके।

हाईकोर्ट का अंतरिम आदेश

मामले की सुनवाई के बाद अदालत ने अंतरिम राहत देते हुए निर्देश दिया कि अगली सुनवाई तक आरोपी की गिरफ्तारी नहीं की जाएगी। साथ ही अदालत ने राज्य सरकार और शिकायतकर्ता को नोटिस जारी कर जवाब दाखिल करने के लिए छह सप्ताह का समय दिया।

अगली सुनवाई की तारीख

अब यह मामला 12 अगस्त को उचित पीठ के समक्ष सूचीबद्ध किया गया है, जहां आगे की सुनवाई होगी और मामले पर विस्तृत विचार किया जाएगा।

Location :  Prayagraj

Published :  23 May 2026, 8:34 PM IST