धनंजय सिंह पर फायरिंग मामले में आरोपी बरी, पूर्वांचल की राजनीति में भूचाल

वाराणसी के 2002 टकसाल सिनेमा फायरिंग केस में कोर्ट ने धनंजय सिंह को झटका देते हुए अभय सिंह समेत सभी आरोपियों को बरी कर दिया। इस फैसले के बाद पूर्वांचल की राजनीति में धनंजय सिंह और अभय सिंह की पुरानी दुश्मनी फिर चर्चा में आ गई।

Post Published By: Nitin Parashar
Updated : 15 April 2026, 2:19 PM IST

Varanasi: वाराणसी की सियासत से जुड़े 24 साल पुराने टकसाल सिनेमा कांड में अदालत का बड़ा फैसला सामने आया है। बहुचर्चित इस मामले में बाहुबली छवि वाले पूर्व सांसद धनंजय सिंह को झटका देते हुए एमपी-एमएलए कोर्ट ने सभी आरोपियों को बरी कर दिया। इस फैसले ने पूर्वांचल की राजनीति में एक बार फिर पुराने समीकरणों और अदावत की चर्चाओं को हवा दे दी है।

6 आरोपियों को दोषमुक्त

बुधवार को सुनाए गए फैसले में कोर्ट ने अभय सिंह और मिर्जापुर के एमएलसी विनीत सिंह समेत कुल 6 आरोपियों को दोषमुक्त करार दिया। धनंजय सिंह ने आरोप लगाया था कि 4 अक्टूबर 2002 को उनके काफिले पर वाराणसी के नदेसर इलाके में टकसाल सिनेमा के पास अंधाधुंध फायरिंग की गई थी। जिसमें वह उनके गनर और चालक घायल हुए थे।

विश्वनाथ मंदिर में दर्शन-पूजन

फैसले से एक दिन पहले धनंजय सिंह ने काशी विश्वनाथ मंदिर में दर्शन-पूजन और रुद्राभिषेक किया था। वहीं कालभैरव मंदिर में भी माथा टेका था। उन्होंने न्याय मिलने की उम्मीद जताई थी। इससे पहले 13 अप्रैल को विशेष न्यायाधीश (एमपी-एमएलए कोर्ट) यजुवेंद्र विक्रम सिंह ने सुनवाई पूरी कर फैसला सुरक्षित रख लिया था।

सुरक्षा के कड़े इंतजाम

फैसले को देखते हुए कोर्ट परिसर और आसपास के इलाकों में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे। 2 आईपीएस, 3 एसीपी समेत 350 से अधिक पुलिसकर्मी तैनात रहे, साथ ही पीएसी की एक कंपनी भी लगाई गई थी।

क्या था पूरा मामला?

4 अक्टूबर 2002 को धनंजय सिंह अपने साथियों के साथ वाराणसी से जौनपुर लौट रहे थे। उस समय वह रारी सीट से निर्दलीय विधायक थे। आरोप है कि नदेसर स्थित टकसाल सिनेमा के पास बोलेरो सवार अभय सिंह और उनके साथियों ने उनके काफिले पर फायरिंग की। हमले में कई लोग घायल हुए थे, जिन्हें मलदहिया स्थित अस्पताल में भर्ती कराया गया था। घटना के बाद हमलावर मौके से फरार हो गए थे।

फायरिंग केस में सभी को राहत

इस मामले में धनंजय सिंह ने अभय सिंह, विनीत सिंह, संदीप सिंह, संजय सिंह, विनोद सिंह और सतेंद्र सिंह उर्फ बबलू के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था। इससे पहले गैंगस्टर एक्ट के एक अन्य मामले में भी 29 अगस्त 2025 को अदालत सभी आरोपियों को बरी कर चुकी थी। अब फायरिंग केस में भी सभी को राहत मिल गई है।

कोडीन कफ सिरप तस्करी पर STF का शिकंजा: वाराणसी से आरोपी गिरफ्तार, करोड़ों के अवैध कारोबार का खुलासा

दोस्ती से दुश्मनी तक का सफर

धनंजय सिंह और अभय सिंह की कहानी पूर्वांचल की राजनीति में दोस्ती और दुश्मनी की मिसाल मानी जाती है। लखनऊ यूनिवर्सिटी के दिनों में दोनों करीबी दोस्त थे। समय के साथ रिश्तों में खटास आ गई। 2002 में हुए इस हमले के बाद दोनों के बीच टकराव खुलकर सामने आ गया और तब से आज तक दोनों एक-दूसरे के खिलाफ मोर्चा खोले हुए हैं।

Location :  Varanasi

Published :  15 April 2026, 2:19 PM IST