लखनऊ में यूपी कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष अजय राय ने केंद्र और प्रदेश सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार मनरेगा को कमजोर कर रही है और मजदूरों को मेहनताना नहीं मिल रहा। यूपी बजट को निराशाजनक बताते हुए उन्होंने पिछले बजट पर श्वेत पत्र जारी करने की मांग की। 13 तारीख को 75 जिलों में 15 किलोमीटर की पदयात्रा निकालने का ऐलान करते हुए कांग्रेस ने जनसमस्याओं को लेकर आंदोलन तेज करने की बात कही।

मनरेगा और बजट पर अजय राय का हमला
Lucknow: राजधानी में आयोजित प्रेस वार्ता में यूपी कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष अजय राय ने केंद्र सरकार पर मनरेगा योजना को “पूरी तरह ध्वस्त और बर्बाद” करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि यह योजना ग्रामीण गरीबों और मजदूरों के लिए जीवनरेखा है, लेकिन सरकार की नीतियों के कारण इसका प्रभाव कम होता जा रहा है।
अजय राय ने दावा किया कि मनरेगा मजदूरों को समय पर मेहनताना नहीं दिया जा रहा, जिससे उनके सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया है। उन्होंने कहा कि मजदूरों के साथ अन्याय और अत्याचार हो रहा है और कांग्रेस इस मुद्दे को लेकर प्रदेशभर में आवाज उठाएगी। पार्टी की ओर से सभी जिलों में अलग-अलग कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं, ताकि मजदूरों की समस्याएं प्रमुखता से सामने लाई जा सकें।
प्रदेश अध्यक्ष ने घोषणा की कि 13 तारीख को पूरे उत्तर प्रदेश में शहर और गांव स्तर पर व्यापक पदयात्रा निकाली जाएगी। यह पदयात्रा 75 जिलों में आयोजित होगी और प्रत्येक जिले में करीब 15 किलोमीटर की यात्रा की जाएगी।
उन्होंने बताया कि पदयात्रा की शुरुआत महात्मा गांधी की प्रतिमा से की जाएगी। इस अभियान में मनरेगा मजदूरों समेत आम जनता को जोड़ा जाएगा। अजय राय ने कहा कि यह यात्रा केवल विरोध प्रदर्शन नहीं, बल्कि जनता के हक और अधिकार की लड़ाई है। कांग्रेस का प्रयास है कि सरकार तक जमीनी हकीकत पहुंचाई जाए और मजदूरों को उनका हक दिलाया जाए।
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अजय राय ने प्रदेश सरकार के बजट को भी निशाने पर लिया। उन्होंने कहा कि यूपी के लोगों को इस बजट से कुछ नहीं मिला है। उनके अनुसार बजट में आम जनता, किसानों और मजदूरों के हितों की अनदेखी की गई है।
उन्होंने मांग की कि पिछले बजट पर तत्काल श्वेत पत्र जारी किया जाए और सरकार स्पष्ट करे कि बजट की राशि कहां खर्च की गई। पारदर्शिता की आवश्यकता पर जोर देते हुए उन्होंने कहा कि जनता को यह जानने का अधिकार है कि उनके टैक्स का पैसा किस मद में उपयोग हुआ।
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प्रदेश अध्यक्ष ने हाल में मथुरा और वाराणसी में आर्थिक तंगी के चलते हुई आत्महत्या की घटनाओं का जिक्र करते हुए कहा कि यह प्रदेश की खराब आर्थिक स्थिति को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि जब परिवार आत्महत्या जैसे कदम उठाने को मजबूर हों, तो यह सरकार की नीतियों पर गंभीर प्रश्न खड़े करता है।
इसके अलावा जल जीवन मिशन को लेकर भी उन्होंने आरोप लगाया कि योजना का जमीनी स्तर पर कोई असर दिखाई नहीं दे रहा। उन्होंने कहा कि कई स्थानों पर सड़कों को तोड़ दिया गया, लेकिन घरों तक पानी नहीं पहुंचा। इस दौरान बृजभूषण राजपूत द्वारा सरकार के एक मंत्री को घेरने का भी उल्लेख किया गया।