
राम मंदिर ट्रस्ट के नए CEO जितेंद्र मिश्रा (IMG: Dynamite News)
Ayodhya: राम मंदिर ट्रस्ट की व्यवस्था में अब बड़ा बदलाव होने जा रहा है। जिस मंदिर की सुरक्षा, व्यवस्था और प्रबंधन पर पूरे देश की नजर रहती है, उसकी प्रशासनिक कमान संभालने के लिए अब एक ऐसे चेहरे को चुना गया है, जिसका लंबा करियर देश की सुरक्षा से जुड़ा रहा है। रिटायर्ड एयर मार्शल जितेंद्र मिश्रा को श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट का पहला CEO नियुक्त किया गया है। भारतीय वायुसेना में करीब चार दशक का अनुभव रखने वाले मिश्रा ने कारगिल युद्ध से लेकर ऑपरेशन सिंदूर तक अहम जिम्मेदारियां संभाली हैं। अब वही सैन्य अनुशासन और प्रशासनिक अनुभव अयोध्या में राम मंदिर के प्रबंधन में काम आएगा।
राम मंदिर ट्रस्ट के गठन और मंदिर निर्माण के बाद से ही मंदिर की व्यवस्थाओं को लेकर कई स्तर पर काम चल रहा है। अब ट्रस्ट ने पहली बार पूर्णकालिक CEO की नियुक्ति का फैसला किया है। इस पद के लिए देशभर से हजारों आवेदन आए थे और कई चरणों की स्क्रीनिंग के बाद उम्मीदवारों को शॉर्टलिस्ट किया गया था। ऐसे में एयर मार्शल जितेंद्र मिश्रा के नाम पर मुहर लगना काफी अहम माना जा रहा है।
जितेंद्र मिश्रा भारतीय वायुसेना के रिटायर्ड एयर मार्शल हैं। उन्होंने अपने लंबे सैन्य करियर के दौरान कई महत्वपूर्ण पदों पर काम किया। वह वेस्टर्न एयर कमांड के एयर ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ यानी AOC-in-C भी रह चुके हैं। वेस्टर्न एयर कमांड भारतीय वायुसेना की बेहद महत्वपूर्ण कमांड में से एक है। पश्चिमी सीमा से जुड़े सुरक्षा मामलों में इसकी भूमिका बेहद अहम रहती है। इसके अलावा मिश्रा ने Integrated Defence Staff (Operations) के Deputy Chief के तौर पर भी जिम्मेदारी संभाली।
जितेंद्र मिश्रा का सैन्य सफर काफी लंबा रहा है। उन्हें 6 दिसंबर 1986 को एयर फोर्स अकादमी से भारतीय वायुसेना की फाइटर स्ट्रीम में कमीशन मिला था। इसके बाद उन्होंने अलग-अलग जिम्मेदारियों को निभाते हुए अपने करियर में ऊंचाइयां हासिल कीं। करीब 38 साल से ज्यादा लंबे सैन्य करियर में मिश्रा ने 3000 घंटे से ज्यादा की उड़ान का अनुभव हासिल किया। उनकी खासियत सिर्फ फाइटर जेट उड़ाने तक सीमित नहीं रही। उन्होंने 18 से ज्यादा तरह के फाइटर एयरक्राफ्ट, ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ्ट और हेलीकॉप्टर उड़ाए हैं।
जितेंद्र मिश्रा की ट्रेनिंग और शिक्षा भी काफी खास रही है। वह National Defence Academy (NDA), खड़कवासला और Air Force Academy, डुंडीगल के पूर्व छात्र हैं। इसके अलावा उन्होंने Air Force Test Pilots School से भी प्रशिक्षण हासिल किया। वह अमेरिका के Air Command and Staff College, Montgomery, Alabama से भी जुड़े रहे हैं। उन्होंने Royal College of Defence Studies से भी अध्ययन किया है। सैन्य शिक्षा और कमान से जुड़े इन संस्थानों का अनुभव उनके करियर में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता रहा है।
जितेंद्र मिश्रा के करियर का एक महत्वपूर्ण अध्याय कारगिल युद्ध से भी जुड़ा है। वह उस टीम का हिस्सा थे, जिसने कारगिल युद्ध की शुरुआत में Mirage 2000 विमानों पर Laser-Guided Bombs को ऑपरेशनल बनाने में भूमिका निभाई थी। बाद में इन्हीं हथियारों का इस्तेमाल ऑपरेशन सफेद सागर के दौरान महत्वपूर्ण लक्ष्यों पर किया गया। कारगिल युद्ध के दौरान टाइगर हिल और मुंथो ढालो जैसे इलाकों में किए गए हवाई हमलों ने पाकिस्तानी घुसपैठियों के खिलाफ भारतीय सैन्य अभियान में अहम भूमिका निभाई थी।
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जितेंद्र मिश्रा का नाम हाल के ऑपरेशन सिंदूर से भी जोड़ा जाता है। आपके दिए विवरण के मुताबिक, उन्होंने ऑपरेशन सिंदूर के दौरान वेस्टर्न कमांड की कमान संभाली थी। वेस्टर्न कमांड की जिम्मेदारी बेहद संवेदनशील मानी जाती है, क्योंकि यह देश की पश्चिमी सीमा से जुड़े महत्वपूर्ण सैन्य अभियानों और रणनीतिक गतिविधियों की निगरानी करती है।
राम मंदिर ट्रस्ट के पहले CEO के चयन की प्रक्रिया काफी व्यापक रही। रिपोर्टों के मुताबिक इस पद के लिए 5,585 आवेदन प्राप्त हुए थे। स्क्रीनिंग के बाद 16 उम्मीदवारों को आगे की प्रक्रिया के लिए चुना गया था। इसके बाद सर्च कमेटी ने अंतिम चरण में तीन नामों का पैनल तैयार किया और ट्रस्ट को सौंपा।
Location : Ayodhya
Published : 2 September 2026, 4:52 PM IST
Topics : Air Marshal Jitendra Mishra Ayodhya Ram Mandir Jitendra Mishra Operation Sindoor Ram Mandir CEO