6 गोलियां, बहन की चीखें और… आखिर क्यों भाई बना अपनी ही बहन का कातिल?

आगरा की अदालत ने संपत्ति विवाद में अपनी बहन पूनम चौधरी की गोली मारकर हत्या करने वाले ललित चौधरी उर्फ निक्कू को फांसी की सजा सुनाई है। कुख्यात ओपी-लाला गिरोह के भतीजे निक्कू ने बहन को छह गोलियां मारी थीं। कोर्ट ने इसे विरलतम अपराध मानते हुए मृत्युदंड दिया।

Post Published By: Poonam Rajput
Updated : 17 June 2026, 1:46 PM IST
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Agra: आगरा की अदालत ने शाहगंज क्षेत्र में बहन पूनम चौधरी की गोली मारकर हत्या करने वाले ललित चौधरी उर्फ निक्कू को फांसी की सजा सुनाई है। अदालत ने इस मामले को "विरलतम अपराध" की श्रेणी में मानते हुए दोषी को मृत्युदंड देने का आदेश दिया। इसके साथ ही हत्या के प्रयास के मामले में आजीवन कारावास और आयुध अधिनियम के तहत सात साल की अतिरिक्त सजा भी सुनाई गई है।

दुकान के ताले से शुरू हुआ विवाद, हत्या तक पहुंचा मामला

घटना 26 नवंबर 2022 की है। शाहगंज के जोगीपाड़ा निवासी नीलू चौधरी के अनुसार वह अपनी ननद पूनम चौधरी के साथ दुकान पर ताला लगा रही थीं। इसी दौरान ललित चौधरी उर्फ निक्कू वहां पहुंच गया। दुकान के किराये और संपत्ति में हिस्सेदारी को लेकर दोनों पक्षों के बीच कहासुनी शुरू हो गई।

विवाद बढ़ने पर गुस्से में आए निक्कू ने अपनी बहन पूनम पर ताबड़तोड़ गोलियां चला दीं। छह गोलियां लगने से पूनम की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि एक गोली नीलू के हाथ में लगी। वारदात के बाद आरोपी मौके से फरार हो गया।

मुठभेड़ के बाद हुई गिरफ्तारी

घटना के दो दिन बाद पुलिस ने आरोपी को मुठभेड़ के दौरान गिरफ्तार कर लिया। उसके कब्जे से 30 एमएम की पिस्टल भी बरामद हुई थी। पुलिस ने हत्या, हत्या के प्रयास और आयुध अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज कर चार्जशीट दाखिल की थी।

अदालत ने क्यों माना विरलतम अपराध?

एडीजे-पंचम मृदुल दुबे की अदालत ने अपने फैसले में कहा कि दोषी ने न केवल अपनी बहन की निर्ममता से हत्या की बल्कि दूसरी महिला पर भी जानलेवा हमला किया। रिश्तों के भरोसे को तोड़ते हुए की गई यह वारदात समाज में भय पैदा करने वाली है। इसी आधार पर अदालत ने इसे दुर्लभतम मामलों में शामिल मानते हुए फांसी की सजा सुनाई।

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ओपी-लाला गिरोह से रहा है पारिवारिक संबंध

ललित चौधरी उर्फ निक्कू का नाम पहले भी शाहगंज क्षेत्र में दबंगई और रंगबाजी के कारण चर्चा में रहा है। वह कभी आगरा में चर्चित रहे कुख्यात सुपारी किलर ओपी-लाला गिरोह का भतीजा बताया जाता है। इस गिरोह का नाम कई चर्चित आपराधिक मामलों में सामने आ चुका है।

सजा सुनते ही टूट गया निक्कू

फैसला सुनाए जाने के दौरान निक्कू अदालत में गुमसुम खड़ा रहा। फांसी की सजा सुनते ही उसकी आंखों से आंसू निकल आए। बताया गया कि फैसले के दिन भी उसके परिवार का कोई सदस्य अदालत नहीं पहुंचा। अब वह हाईकोर्ट में अपील की तैयारी कर रहा है।

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रिश्तों में अपराध क्यों बन रहा है नई चुनौती?

पड़ताल के मुताबिक हाल के सालों में संपत्ति विवादों से जुड़े पारिवारिक अपराधों में तेजी आई है। पहले जहां बाहरी दुश्मनी बड़ी वजह मानी जाती थी, वहीं अब पारिवारिक संपत्ति, किराया और हिस्सेदारी को लेकर भाई-बहन, पिता-पुत्र और अन्य रिश्तेदारों के बीच हिंसक घटनाएं बढ़ रही हैं। ऐसे मामलों में कानूनी समाधान की बजाय भावनात्मक और सामाजिक संवाद की कमी विवाद को अपराध में बदल देती है। पूनम हत्याकांड सिर्फ एक हत्या नहीं, बल्कि यह उस कटु सच्चाई की मिसाल है जहां संपत्ति का लालच खून के रिश्तों पर भी भारी पड़ गया।

Location :  Agra

Published :  17 June 2026, 1:46 PM IST

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