छात्र आत्महत्या की जांच को लेकर एबीवीपी ने सौंपा ज्ञापन, सिटी मजिस्ट्रेट पर ये बड़ा आरोप

कलेक्ट्रेट परिसर में बुधवार को उस समय हंगामा खड़ा हो गया जब अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) के पदाधिकारियों ने सिटी मजिस्ट्रेट राम औतार पर अभद्र व्यवहार का आरोप लगाते हुए उनके कार्यालय के बाहर धरना शुरू कर दिया। छात्र नेताओं का कहना है कि जब वे एसजेएस स्कूल के छात्र की आत्महत्या के मामले में…

Post Published By: Asmita Patel
Updated : 11 March 2026, 8:22 PM IST

रायबरेली: जिले के कलेक्ट्रेट परिसर में बुधवार को उस समय हंगामा खड़ा हो गया जब अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) के पदाधिकारियों ने सिटी मजिस्ट्रेट राम औतार पर अभद्र व्यवहार का आरोप लगाते हुए उनके कार्यालय के बाहर धरना शुरू कर दिया। छात्र नेताओं का कहना है कि जब वे एसजेएस स्कूल के छात्र की आत्महत्या के मामले में ज्ञापन देने पहुंचे थे। तब सिटी मजिस्ट्रेट ने उनके साथ अभद्रता से बात की। इसके विरोध में छात्र संगठन के पदाधिकारी कार्यालय के बाहर धरने पर बैठ गए और सिटी मजिस्ट्रेट से सार्वजनिक रूप से माफी मांगने की मांग करने लगे।

 क्या है पूरी खबर?

ज्ञापन हाल ही में एसजीएस कॉलेज के कक्षा 11 के छात्र राम तिवारी की आत्महत्या के मामले में निष्पक्ष जांच की मांग को लेकर दिया गया था इसी दौरान किसी बात को लेकर छात्र नेताओं और सिटी मजिस्ट्रेट के बीच कहासुनी हो गई। आरोप है कि सिटी मजिस्ट्रेट द्वारा अभद्र भाषा का प्रयोग किया गया, जिससे नाराज होकर छात्र नेता कार्यालय के बाहर धरने पर बैठ गए। इसके बाद शाम होते होते सिटी मजिस्ट्रेट राम औतार ने एबीवीपी पदाधिकारियों से मांफी माँग कर मामले को खत्म कर दिया।

मुकदमा दर्ज

मामले की जानकारी देते हुए मृतक छात्र के पिता विमल तिवारी ने बताया कि शहर कोतवाली क्षेत्र के तिलक नगर में वह रहते हैं। उनका लड़का राम तिवारी एसजीएस इंटर कॉलेज की कक्षा 11 का छात्र था। 5 मार्च को उनके लड़के राम तिवारी का शव घर के अंदर फांसी के फंदे से लटका हुआ मिला था। घटना से पहले उनका लड़का मोबाइल पर चेटिंग किया था उसके बाद उसने फांसी लगा ली। कभी तक कोई मुकदमा दर्ज नही हुआ है। एसपी ने मामले की जांच के आदेश दिए हैं। मामला सिविल लाइन पुलिस चौकी का है। पोस्टमार्टम की रिपोर्ट आने के बाद भी मुकदमा दर्ज नही हुआ है। वे समझ नही पा रहे हैं की उनके लड़के ने फांसी क्यों लगाई, उसकी जांच होनी चाहिए।

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वहीं एबीवीपी के जिला संयोजक अभिषेक पटेल ने ज्ञापन के जरिये बताया कि छात्र राम तिवारी ने किन परिस्थितियों में आत्म हत्या की इसकी जांच होनी चाहिये। उनका कहना है कि पढ़ाई का दबाव, सोशल मीडिया का प्रभाव, किसी प्रकार का डर या ब्लैकमेल इनमें से कौन सा कारण इस कदम के पीछे है, इसकी गहन जांच होना बेहद जरूरी है।

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राम तिवारी को एक मेधावी, हंसमुख और मिलनसार छात्र बताया जा रहा है। ऐसे में अचानक उसकी आत्महत्या की घटना ने पूरे क्षेत्र को झकझोर कर रख दिया है। छात्र संगठनों ने मामले की निष्पक्ष जांच कर सच्चाई सामने लाने और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।

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  • RaeBareli

Published : 
  • 11 March 2026, 8:22 PM IST