मिर्जापुर के विंध्याचल स्थित मां विंध्यवासिनी मंदिर में चैत्र नवरात्र के पहले दिन भारी भीड़ उमड़ी। सुबह मंगला आरती के बाद लाखों श्रद्धालुओं ने दर्शन-पूजन किया। देर रात से ही लंबी कतारें लग गई थीं। भक्तों में गहरा उत्साह दिखा और मंदिर परिसर जयकारों से गूंज उठा, प्रशासन ने भी सुरक्षा व व्यवस्था को लेकर खास इंतजाम किए।

मां विंध्यवासिनी धाम में उमड़ा आस्था का सैलाब
Mirzapur: उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर जिले में स्थित प्रसिद्ध विंध्याचल धाम में चैत्र नवरात्र के पहले दिन आस्था का अद्भुत नजारा देखने को मिला। मां विंध्यवासिनी मंदिर में सुबह चार बजे मंगला आरती के साथ ही नवरात्र का शुभारंभ हुआ और इसके बाद लाखों श्रद्धालु दर्शन-पूजन के लिए उमड़ पड़े। मंदिर परिसर और आसपास के क्षेत्रों में भक्तों की लंबी कतारें देर रात से ही लगनी शुरू हो गई थीं।
जैसे ही नगाड़ा, घंटा और घड़ियाल की गूंज के बीच मंदिर के कपाट खुले, भक्तों ने जय माता दी के जयकारों के साथ मां के दरबार में हाजिरी लगाई। पूरा विंध्याचल क्षेत्र भक्ति और श्रद्धा के रंग में रंगा नजर आया।
चैत्र नवरात्र के पहले दिन सुबह चार बजे विधि-विधान के साथ मंगला आरती की गई। आरती के दौरान मंदिर का माहौल पूरी तरह भक्तिमय हो गया। आरती के बाद जैसे ही कपाट खोले गए, हजारों श्रद्धालु एक साथ मां के दर्शन के लिए उमड़ पड़े।
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भक्तों ने जयकारों के साथ मां विंध्यवासिनी के दर्शन किए और अपनी मनोकामनाएं मांगीं। मंदिर परिसर में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए थे, जिससे भीड़ के बावजूद व्यवस्था सुचारू रूप से चलती रही।
नवरात्र के महत्व को देखते हुए दूर-दूर से श्रद्धालु विंध्याचल पहुंचे हैं। कई भक्त तो देर रात से ही मंदिर के बाहर कतार में खड़े होकर अपनी बारी का इंतजार कर रहे थे। सुबह होते-होते यह संख्या लाखों में पहुंच गई।
भक्त सोनी सिंह ने बताया कि वे सुबह चार बजे से लाइन में लगे हुए हैं और उन्हें खिड़की दर्शन का अवसर मिला। वहीं आर्यन सिंह पटेल ने कहा कि भीड़ काफी ज्यादा है, लेकिन प्रशासन की व्यवस्था अच्छी है। उमाशंकर गुप्ता ने कहा कि मां सभी की मनोकामनाएं पूरी करती हैं, इसलिए हर साल यहां आना उनका नियम है।
विंध्याचल का मां विंध्यवासिनी मंदिर देश के प्रमुख सिद्धपीठों में से एक माना जाता है। मान्यता है कि यहां माता रानी सशरीर विराजमान हैं और भक्तों को प्रत्यक्ष दर्शन देती हैं। खासकर नवरात्र के दिनों में यहां दर्शन का विशेष महत्व होता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, नवरात्र में मां के दर्शन मात्र से ही सभी कष्ट दूर हो जाते हैं और मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं। यही कारण है कि नौ दिनों तक चलने वाले इस पर्व में लाखों श्रद्धालु यहां पहुंचते हैं।
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मंदिर में चल रही भव्य आरती, घंटों की गूंज और भक्तों की आस्था ने पूरे माहौल को आध्यात्मिक ऊर्जा से भर दिया है। प्रशासन और मंदिर समिति द्वारा भीड़ को नियंत्रित करने और श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं।