महराजगंज के पनियरा में डिलीवरी के दौरान 23 वर्षीय पूजा कन्नौजिया की मौत के बाद हड़कंप मच गया है। परिजनों ने न्यू ज्योतिमा हॉस्पिटल पर लापरवाही का आरोप लगाया है। पुलिस ने डॉक्टर के खिलाफ BNS 106(1) में केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

अस्पताल में तनाव का माहौल
Maharajganj: महराजगंज जिले में एक खुशियों भरा पल मातम में बदल गया। डिलीवरी के लिए अस्पताल पहुंची 23 साल की पूजा कन्नौजिया अब इस दुनिया में नहीं रही। परिजनों का आरोप है कि ऑपरेशन के दौरान हुई लापरवाही ने उसकी जान ले ली। मामला इतना गंभीर हो गया कि पुलिस को डॉक्टर के खिलाफ केस दर्ज करना पड़ा। अब पूरा मामला जांच के घेरे में है और हर किसी की नजर पोस्टमार्टम रिपोर्ट पर टिकी है।
पनियरा में प्रसव के दौरान मौत से हड़कंप
महराजगंज के थाना पनियरा क्षेत्र के ग्राम हेमछापर (बीचली कोठी) निवासी व्यास कन्नौजिया की 23 वर्षीय बेटी पूजा कन्नौजिया को प्रसव पीड़ा होने पर पनियरा स्थित न्यू ज्योतिमा हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया था। परिवार को उम्मीद थी कि कुछ ही घंटों में घर में किलकारी गूंजेगी, लेकिन ऑपरेशन के दौरान हालात बिगड़ गए। परिजनों का कहना है कि डॉक्टरों की लापरवाही के कारण पूजा की तबीयत लगातार खराब होती चली गई और आखिरकार उसकी मौत हो गई।
घटना के बाद अस्पताल परिसर में अफरा-तफरी मच गई। परिवार के लोगों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। मृतका के पिता ने थाना पनियरा में तहरीर देकर पोस्टमार्टम कराने और जिम्मेदारों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की।
डॉक्टर पर BNS की धारा 106(1) में केस
परिजनों के आरोपों को गंभीरता से लेते हुए पुलिस ने न्यू ज्योतिमा हॉस्पिटल के डॉक्टर के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 106(1) के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया है। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। अधिकारियों का कहना है कि रिपोर्ट आने के बाद यदि चिकित्सकीय लापरवाही के ठोस सबूत मिलते हैं तो अन्य धाराएं भी बढ़ाई जा सकती हैं। थाना पनियरा पुलिस का कहना है कि जांच पूरी तरह निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से की जा रही है और किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा।
स्वास्थ्य विभाग भी सक्रिय
मामले की गंभीरता को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग की टीम भी जांच में जुट गई है। अस्पताल के रिकॉर्ड, ऑपरेशन थिएटर की स्थिति, ड्यूटी पर मौजूद स्टाफ और आपातकालीन सुविधाओं की उपलब्धता की पड़ताल की जा रही है। सूत्रों के मुताबिक अस्पताल के पंजीकरण और डॉक्टर की योग्यता की भी जांच हो रही है।
लोगों का फूटा गुस्सा
स्थानीय लोगों में इस घटना को लेकर काफी आक्रोश है। लोगों का कहना है कि यदि निजी अस्पताल मानकों का पालन नहीं कर रहे हैं तो उन पर कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए। फिलहाल इस पूरे मामले में पोस्टमार्टम रिपोर्ट सबसे अहम कड़ी मानी जा रही है। रिपोर्ट आने के बाद ही साफ हो पाएगा कि पूजा की मौत की असली वजह क्या थी और किस स्तर पर चूक हुई।