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अमेठी में समाज कल्याण विभाग भ्रष्टाचार के आरोपों से घिरा हुआ है। नलिन राज के निलंबन के बाद पीडी प्रभारी भी हटाए गए हैं और अब विवादित डीसी मनरेगा को विभाग का अतिरिक्त चार्ज सौंपा गया है। नोज शुक्ला के निलंबन के बाद समाज कल्याण अधिकारी (विकास) नलिन राज को विभाग की जिम्मेदारी सौंपी गई।
फेरबदल (Img: Google)
Amethi: अमेठी में इन दिनों अफसरों पर एक के बाद एक गाज गिर रही है। खासतौर पर समाज कल्याण विभाग भ्रष्टाचार को लेकर प्रशासन के लिए सबसे बड़ी चुनौती बनता जा रहा है। विभाग में पहले जिला समाज कल्याण अधिकारी हटाए गए। फिर प्रभारी अधिकारी सस्पेंड हुए और अब अस्थायी रूप से चार्ज संभाल रहे पीडी को भी हटा दिया गया है। ताजा फैसले में शासन ने एक बार फिर चौंकाने वाला कदम उठाते हुए विवादों में रहे डीसी मनरेगा को समाज कल्याण विभाग का अतिरिक्त प्रभार सौंप दिया है।
अमेठी जिले का समाज कल्याण विभाग बीते करीब एक साल से लगातार भ्रष्टाचार के आरोपों और कार्रवाईयों के चलते सुर्खियों में बना हुआ है। जिले में सबसे पहले तत्कालीन जिला समाज कल्याण अधिकारी मनोज शुक्ला और विभागीय लिपिक गोकुल प्रसाद के बीच रिश्वत के पैसों को लेकर विवाद सामने आया था। मामला तूल पकड़ते ही शासन ने दोनों को निलंबित कर दिया था। इसके बाद उम्मीद थी कि विभाग की कार्यप्रणाली सुधरेगी लेकिन ऐसा हो नहीं सका।
मनोज शुक्ला के निलंबन के बाद समाज कल्याण अधिकारी (विकास) नलिन राज को विभाग की जिम्मेदारी सौंपी गई। हालांकि कार्यभार संभालने के कुछ ही समय बाद नलिन राज भी विवादों में घिर गए। मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना में भ्रष्टाचार के मामलों में कार्रवाई न करने के आरोपों पर उनके खिलाफ जांच शुरू हुई। जांच में दोषी पाए जाने पर मंगलवार को शासन ने नलिन राज को निलंबित कर दिया। फिलहाल नलिन राज कई महीनों से अवकाश पर चल रहे थे।
नलिन राज के निलंबन के बाद विभाग का अस्थायी चार्ज परियोजना निदेशक डीआरडीए ऐश्वर्य यादव को सौंपा गया था लेकिन बुधवार को उन्हें भी इस जिम्मेदारी से मुक्त कर दिया गया। इसके साथ ही समाज कल्याण विभाग का अतिरिक्त प्रभार डीसी मनरेगा शेर बहादुर को सौंप दिया गया है।
शेर बहादुर का नाम भी पहले कई बार विवादों से जुड़ चुका है। हाल ही में भ्रष्टाचार के आरोपों में उन्हें निलंबित किया गया था हालांकि जांच में क्लीन चिट मिलने के बाद उनकी डीसी मनरेगा पद पर दोबारा तैनाती हुई। अब उन्हें समाज कल्याण विभाग की जिम्मेदारी देना प्रशासनिक हलकों में चर्चा का विषय बना हुआ है।
फिलहाल समाज कल्याण विभाग में सामने आई अनियमितताओं की जांच अलग-अलग स्तरों पर जारी है। अपर आयुक्त अयोध्या मंडल और उपनिदेशक पंचायती राज द्वारा स्वतंत्र जांच की जा रही है। वहीं मुख्य विकास अधिकारी सचिन सिंह ने बताया कि जिलाधिकारी के माध्यम से शासन को पत्र भेजकर जिले में नए समाज कल्याण अधिकारी की तैनाती की मांग की गई है, ताकि विभागीय कामकाज को पटरी पर लाया जा सके।