गंगा में बिरयानी के अवशेष फेंकने के मामले में 8 आरोपियों को जमानत, इलाहाबाद हाईकोर्ट ने दी राहत

Allahabad High Court ने वाराणसी में नाव पर रोजा इफ्तार के दौरान बिरयानी के अवशेष गंगा नदी में फेंकने के मामले में आठ आरोपियों को जमानत दे दी है। कोर्ट ने आरोपियों द्वारा दाखिल एफिडेविट में माफी मांगने को राहत का आधार माना।

Post Published By: Rohit Goyal
Updated : 15 May 2026, 3:31 PM IST
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Prayagaraj: Allahabad High Court ने वाराणसी में नाव पर रोजा इफ्तार के दौरान बिरयानी के अवशेष गंगा नदी में फेंकने के मामले में आठ आरोपियों को जमानत दे दी है। कोर्ट ने आरोपियों द्वारा दाखिल एफिडेविट में माफी मांगने को राहत का आधार माना। हालांकि इस मामले में अभी छह अन्य आरोपियों को जमानत नहीं मिली है।

14 लोगों पर दर्ज हुई थी एफआईआर

यह मामला वाराणसी में गंगा नदी पर नाव में रोजा इफ्तार के दौरान कथित रूप से बिरयानी के अवशेष नदी में फेंकने से जुड़ा है। घटना के बाद पुलिस ने कुल 14 लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया था। मामले ने सोशल मीडिया और स्थानीय स्तर पर काफी चर्चा बटोरी थी।

पुलिस कार्रवाई के बाद आरोपियों ने हाईकोर्ट में जमानत याचिका दाखिल की थी। अलग-अलग याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए कोर्ट की दो एकल पीठों ने आठ आरोपियों को राहत प्रदान की।

दो अलग-अलग बेंचों ने दी जमानत

न्यायमूर्ति Justice Rajeev Lochan Shukla की सिंगल बेंच ने मोहम्मद आजाद अली, मोहम्मद तहसीम, निहाल अफरीदी, मोहम्मद तौसीफ और मोहम्मद अनस की जमानत याचिका मंजूर की।

वहीं न्यायमूर्ति Justice Jitendra Kumar Sinha की एकल पीठ ने मोहम्मद समीर, मोहम्मद अहमद रजा और मोहम्मद फैजान को जमानत देने का आदेश जारी किया।

एफिडेविट में मांगी गई माफी

कोर्ट ने अपने आदेश में कहा कि आरोपियों की ओर से दाखिल एफिडेविट में घटना को लेकर माफी मांगी गई है। इसी आधार पर अदालत ने उन्हें जमानत देने पर सहमति जताई।

हालांकि अदालत ने मामले की गंभीरता को देखते हुए अभी बाकी छह आरोपियों को राहत नहीं दी है। उनके मामलों पर सुनवाई आगे की तारीख में हो सकती है।

Location :  Prayagraj

Published :  15 May 2026, 3:31 PM IST

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