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HC का आदेश (Img: Google)
High Court : इलाहाबाद हाई कोर्ट ने हाथरस के ज़िलाधिकारी को निर्देश दिया है कि वे मुआवज़े के मामले पर छह हफ़्तों के अंदर फ़ैसला करें। कोर्ट ने कहा है कि यह आदेश दोनों पक्षों को अर्ज़ी पर अपनी बात रखने का मौक़ा देने के बाद ही जारी किया जाना चाहिए।
यह आदेश जस्टिस महेश चंद्र त्रिपाठी और जस्टिस सिद्धार्थ नंदन की डिवीज़न बेंच ने रमेश गिरी और तीन अन्य लोगों द्वारा दायर एक अर्ज़ी पर जारी किया। याचिकाकर्ताओं ने बताया कि सादाबाद तहसील में ज़मीन अधिग्रहित किए जाने के बावजूद उन्हें मुआवज़ा नहीं दिया गया। याचिकाकर्ताओं ने मुआवज़े के साथ-साथ उस पर ब्याज़ की भी मांग की।
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याचिकाकर्ताओं के वकील ने दलील दी कि 10 दिसंबर, 2025 को ज़िलाधिकारी को एक ज्ञापन सौंपा गया था, लेकिन उस पर कोई कार्रवाई नहीं की गई। कोर्ट ने मामले के गुण-दोष पर कोई टिप्पणी किए बिना ही अर्ज़ी का निपटारा कर दिया। कोर्ट ने DM को निर्देश दिया कि वे आदेश की प्रति जमा होने की तारीख से छह हफ़्तों के अंदर क़ानून के अनुसार इस मामले पर फ़ैसला करें।
Location : Allahabad
Published : 15 May 2026, 3:28 PM IST