हिंदी
कोलकाता: असम के मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा ने कहा कि वह ‘‘राजनीतिक रूप से हिंसा प्रभावित पश्चिम बंगाल’’ में साधुओं पर हमले से हैरान नहीं हैं।
पश्चिम बंगाल के पुरुलिया में तीन साधुओं पर एक भीड़ द्वारा इस संदेह में हमला किए जाने का एक कथित वीडियो सामने आया है कि वे साधु के ‘‘भेष में अपहरणकर्ता’’ हैं।
शर्मा ने यहां संवाददाता सम्मेलन में आरोप लगाया कि तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) शासित राज्य में ‘‘सनातन हिंदू धर्म’’ के सदस्यों को निशाना बनाया जा रहा है और उन्होंने सत्तारूढ़ सरकार से त्वरित कार्रवाई करने का आग्रह किया।
डाइनामाइट न्यूज संवाददाता के अनुसार उन्होंने कहा, ‘‘पुरुलिया में साधुओं पर हमले की घटना से मैं हैरान नहीं हूं। कुछ समय पहले जब मैं एक काफिले में जा रहा था तो मुझ पर भी राज्य में पथराव हुआ था। पश्चिम बंगाल में राजनीतिक हिंसा ने एक नया आयाम छू लिया है और पूज्य साधुओं पर हमला तो इसकी एक अभिव्यक्ति मात्र है।’’
उन्होंने कहा, ‘‘सब कुछ त्यागने वाले साधुओं को दोषी करार दिया जाता है जबकि असली दोषियों का यहां सत्कार किया जा रहा है। हमें इस स्थिति से बाहर आने के तरीकों के बारे में सोचना होगा।’’
इस बीच, पुरुलिया पुलिस ने दावा किया कि साधुओं पर हमला उनके और तीन लड़कियों के बीच भाषा की समस्या के कारण गलतफहमी में हुआ। पुलिस ने घटना में किसी भी तरह के सांप्रदायिक पहलू को खारिज कर दिया।
एक सवाल के जवाब में मुख्यमंत्री शर्मा ने कहा कि 22 जनवरी को, जब अयोध्या में राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा समारोह होगा तो यह हिंदू सभ्यता के पुनरुत्थान का गवाह बनेगा।
उन्होंने कहा, ‘‘यह विजय का दिन होगा जिसका हिंदू पिछले 500 वर्ष से इंतजार कर रहे हैं। 22 जनवरी संघर्ष का दिन नहीं बल्कि भारत को फिर से एकजुट करने का दिन होगा।’’
उन्होंने कहा, ‘‘22 जनवरी हिंदू सभ्यता के पुनरुत्थान का दिन होगा। यह विजय का दिन होगा। हमें मुसलमानों से शुभकामनाएं मिल रही हैं।’’
Published : 14 January 2024, 11:53 AM IST
No related posts found.