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लखनऊ: आज यूपी के सभी 1563 थानों में ई-कोर्ट और ई-प्रिजन को सीसीटीएनएस से जोड़ दिया गया है। जिससे जेलो मैं बंद कैदियों के नाम, पता, अपराधिक मामले का प्रकार, कैदी पर लगाई गई धाराएं, कारागार का नाम, कैदी की रिहाई की तिथि समेत सभी मामलों की जानकारी कंप्यूटर पर देखी जा सकेगी। हालांकि पिछली 16 जनवरी को ही ई-प्रॉसीक्यूशन व्यवस्था भी लागू की गई है।
इसी के साथ पूरे देश में यूपी पहला राज्य है। जहां ई कोर्ट ई प्रिजन, ई प्रॉसीक्यूशन को सीसीटीएनएस जोड़ा गया है। आज इसी की जानकारी देने के लिए उत्तर प्रदेश के डीजीपी ओपी सिंह ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस बुलाई थी। जिसमें जब उनसे यूपी के कुशीनगर में और सहारनपुर में कल जहरीली शराब से हुई मौतों के बारे में जानकारी मांगी गई तो उनका पारा एकदम से बढ़ गया। हालांकि बाद में मौके की नजाकत को समझते हुए डीजीपी थोड़े नरम पड़े और उन्होंने यह बताया कि आबकारी विभाग के अधिकारियों के साथ बैठक कर आने वाले दिनों में जहरीली शराब के खिलाफ बड़े पैमाने पर प्रदेश भर में अभियान चलाए जाएंगे और जो भी सिंडीकेट जहरीली शराब और लोगों की मौत के लिए जिम्मेदार होगा, उसके खिलाफ कड़ी कार्यवाही की जाएगी।
इस मौके पर पुलिस को हाईटेक बनाने और नई नई टेक्नोलॉजी से पुलिस को लैस करने में एडीजी टेक्निकल आशुतोष पांडे की भूमिका को भी डीजीपी ओपी सिंह ने सराहा। वहीं इस मौके पर एडीजी टेक्निकल आशुतोष पाण्डेय ने बताया की अब लोगों को एफआईआर दर्ज कराने के लिए थानों में जाने की जरूरत नहीं है। कंप्यूटर के माध्यम से भी एफआईआर और साइबर क्राइम संबंधी रिपोर्ट दर्ज कराई जा सकती है।
Published : 8 February 2019, 3:58 PM IST
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