यूपी एसटीएफ ने किया वन्यजीव तस्करों की काली करतूत का पर्दाफाश, बाघ की हड्डियों का ढांचा जब्त, पीलीभीत से दो गिरफ्तार

यूपी एसटीएफ ने वन्यजीव तस्करों के एक हैरान करने वाले मामले का पर्दाफाश किया है। दो तस्करों की गिरफ्तारी के साथ बाघ की हड्डियों का ढांचा बरामद किया गया। पढ़िये डाइनामाइट न्यूज़ की पूरी रिपोर्ट

Updated : 30 September 2023, 7:00 PM IST
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लखनऊ: यूपी एसटीएफ ने वन्यजीवों की तस्करी करने वाले एक गिरोह का पर्दाफाश करते हुए हैरान करने वाले मामले का भंडाफोड़ किया है। एक संयुक्त अभियान में वन्यजीवों की तस्करी करने वाले गैंग के दो सदस्यों को गिरफ्तार किया गया। गिरफ्तार तस्करों के कब्जे से बाघ की हड्डियों का ढांचा बरामद किया गया। 

डाइनामाइट न्यूज़ संवाददाता के अनुसार उत्तर प्रदेश वन विभाग एवं वाइल्ड लाइफ क्राइम कण्ट्रोल व्यूरो के संयुक्त अभियान में वन्यजीवों की तस्करी करने वाले गैंग के दो सदस्यों को गिरफ्तार किया गया। तस्करों के कब्जे से राष्ट्रीय पशु बाघ (पैन्थेरा टिगरिस) की हड्डियों का ढांचा (स्केलेटन) बरामद किया गया। 

गिरफ्तार किये गये अभियुक्तों की पहचान अक्षय और राम चन्द्र के रूप में की गई। दोनों त्रिलोकपुर, जनपद लखीमपुर खीरी के निवासी हैं।

अभियुक्तों से राष्ट्रीय पशु बाघ (पैन्थेरा टिगरिस) की हड्डियों का ढांचा (स्केलेटन), दो मोबाइल फोन और नकदी बरामद की गई। दोनों अभियुक्तों को वन्य रेंज माला, जनपद पीलीभीत से शनिवार शाम को गिरफ्तार किया गया। 

टीम को विगत कुछ दिनों से राष्ट्रीय पशु बाघ के लिए सरंक्षित वन्य जीव अभ्यारणों से इन्हें मारकर इनकी खाल, हड्डी, नाखून इत्यादि की तस्करी करने वाले गैंगों के सदस्यों के जनपद लखीमपुर-खीरी व पीलीभीत के आस-पास सक्रिय होने की सूचना प्राप्त हो रही थी। 

इस सम्बन्ध में एसटीएफ की विभिन्न इकाईयों/टीमों को अभिसूचना संकलन एवं कार्यवाही करने के लिए निर्देशित किया गया था। अभिसूचना संकलन की कार्यवाही के दौरान मुखबिर सेज्ञात हुआ कि निघासन जनपद लखीमपुर खीरी के कुछ व्यक्ति एक टाइगर को मारकर उसकी खाल व नाखून बेच चुके हैं व अब उसकी हड्डियों को किसी नेपाली तस्कर को बेचने की फ़िराक में हैं। 

इस सूचना पर एसटीएफ लखनऊ ने एक टीम गठित कर, डब्लूसीसीवी की टीम को साथ लेकर, मुखबिर के बताये स्थान पर पहुँची और उसकी निशादेही पर दो अभियुक्तों को गिरफ्तार किया गया।

गिरफ्तार अभिुयक्तों ने पूछताछ पर बताया कि बरामद किया गया राष्ट्रीय पशु बाघ (पैन्थेरा टिगरिस) की हड्डियों का ढांचा (स्केलेटन) की बिक्री नेपाल व चीन में होती है, जहाँ इनकी हड्डियों का चूर्ण बनाकर इनसे विभिन्न प्रकार की शक्तिवर्धक औषधियों का निर्माण किया जाता है।

बाघ के शिकार के सम्बन्ध में पूछताछ पर अभियुक्तों ने बताया कि बाघ के शिकार का काम वे लोग पीढ़ियों से करते आ रहे हैं। हमलोग बाघ के आने-जाने के स्थानों की रेकी करते हैं फिर उन रास्तों पर लोहे का बना एक कुढा लगा देते हैं, जहाँ गुजरने पर बाघ का पांव उस कुढ़े में फंस जाता है और बाघ वहीं तड़प-तड़प कर मर जाता है।

Published : 
  • 30 September 2023, 7:00 PM IST

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