DN Exclusive: फतेहपुर नेफेड केन्द्र में गेहूं क्रय में लाखों का घोटाला !

डीएन संवाददाता

किसानों ने मई 2017 में गेंहूं विक्रय किया था लेकिन इसका पैसा उन्हें अभी तक नहीं मिला है। किसान तीन महीने से प्रशासन के चक्कर काट रहें हैं। प्रथम स्तर पर यह मामला करीब 15 से 20 लाख रूपये के घोटाला प्रतीत हो रहा है।


फतेहपुर: उत्तर प्रदेश की योगी सरकार किसानों के हितों की निरन्तर बात करती है और उन्हें सबल बनाने के लिए नई-नई योजनाएँ बना रही है। योगी सरकार ने किसानो को बिचौलियों से बचानें के लिए गेहूं क्रय केन्द्रों से सीधे गेहूं खदीदने की बात कही थी, जिससे किसानों का उत्पीड़न रुक सके। लेकिन जब गेहूं क्रय केन्द्र ही किसानों का उत्पीड़न करने लगेगा तो आखिर किसानों का क्या होगा?

जिलाधिकारी फतेहपुर द्वारा कार्यवाही का पत्र

 

गेंहूं बेचा, पर नहीं मिला पैसा

मामला फतहेपुर के बिन्दकी तहसील के मण्डरांव नेफेड केन्द्र का है, जहां किसानों ने मई-2017 में गेंहूं विक्रय किया था, लेकिन इसका पैसा उन्हें अभी तक नहीं मिला है। किसान तीन महीने से प्रशासन के चक्कर काट रहें हैं। प्रथम स्तर पर यह मामला करीब 15 से 20 लाख रूपये का घोटाला प्रतीत हो रहा है।

एसडीएम बिंदकी ने किसानों को दिया पत्र 

GR रसीद भी नहीं दी गई

डाइनामाइट न्यूज़ से बात करते हुऐ बिन्दकी के किसानों ने बताया कि उन्होंने नेफेड द्वारा संचालित मण्डरांव केन्द्र में मई 2017 में गेहूं की बिक्री की थी। जिसकी 6R रसीद उन्हें नहीं दी गई, इसलिये उनके पास गेहूं बिक्री का कोई पक्का सबूत नहीं है।  उनके पास केवल पल्लेदारों के रजिस्टर की फोटो कापी है।

किसानों ने कही गबन की बात

बताया जा रहा है कि उन्होंने लगभग 800 क्वींटल के गेहूं की बिक्री की थी, इसके अलावा और भी कई किसान है, जिन्होंने वहां गेहूं की बिक्री की थी। कुल मिलाकर 15 से 20 लाख रूपये के गबन की बात किसानों ने कही है। जिसका उन्हें किसी प्रकार का भुगतान नहीं किया गया है।

20 हजार रूपये रिश्वत की मांग

किसानों ने केन्द्र प्रभारी अमर बहादुर सिंह पर गबन का आरोप लगाया है। किसानों ने आरोप लगाया है कि केन्द्र के मुनीम राममनोहर किसानों से भुगतान के नाम पर 200 रूपये प्रति क्वींटल रिश्वत मांग रहा है। जिसमें पारादान के रहने वाले दलाल हरीश चन्द्र की भूमिका भी है, जो किसानों से 6R रसीद देने के नाम पर 20 हजार रूपये मांग रहा है।

शिकायत के बाद भी कार्यवाही नहीं

बताया जा रहा कि किसानों ने इसके सम्बन्ध उपजिलाधिकारी बिन्दकी जिला खाद्य विपरण अधिकारी, जिलाधिकारी को कई बार ज्ञापन दिया, जिस पर जिलाधिकारी ने उचित कार्यवाही की बात कही है। लेकिन अभी तक कोई कार्यवाही नहीं हुई। किसानों ने कहा कि हमें अपना ही पैसा लेने के लिए शासन और प्रशासन के चक्कर काटने पड रहें है। उन्होंने कहा कि इस सम्बंध में हमने मुख्यमंत्री जी को भी पत्र लिखा है।

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