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नयी दिल्ली: प्रदूषण और अन्य कारणों से पावन जल वाली नदी से गंदे पानी की नदी में बदल चुकी यमुना की तकलीफ बयां करने और प्रशासन का ध्यान इस ओर आकृष्ट करने के लक्ष्य के साथ हजारों नागरिकों का एक समूह चार जून को 22 किलोमीटर लंबी मानव श्रृंखला बनाएगा।
यह मानव श्रृंखला दिल्ली में वजीराबाद से ओखला तक 22 किलोमीटर लंबी होगी। शहर में नदी के प्रदूषण के 75 फीसदी हिस्से के लिए इसी 22 किलोमीटर में आने वाले क्षेत्र जिम्मेदार हैं। इस दूरी में यमुना नदी में 22 सीवर (नाले) गिरते हैं।
पर्यावरणविदों, पर्यावरण संरक्षकों, शिक्षाविदों और नदियों तथा जलस्रोतों के लिए काम करने वाले शोधार्थियों की संस्था ‘यमुना संसद’ के सदस्यों ने बताया कि दिल्ली के लोगों को इस विषय पर संवेदनशील बनाने और राजधानी में यमुना को साफ करने के लिए यह संभवत: सबसे बड़ा प्रयास होगा।
Published : 14 May 2023, 1:31 PM IST
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